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कभी पर्यटकों से गुलजार रहने वाला गंगरेल के बांध क्षेत्र में प्रतिबंध से है वीरानी

लगभग 8 साल से सुरक्षा कारणो का हवाला देकर बांध में पर्यटकों का प्रवेश किया गया है निषेध


धमतरी। गंगरेल बांध जल संग्रहण क्षमता के अनुसार प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। यहां 32.150 टीएमसी जल भराव होता है। जिससे सिंचाई पर्यटन, मत्स्य पालन, बिजली उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण कार्य होते है। गंगरेल बांध पर्यटन के दृष्टिकोण से प्रदेश का प्रमुख केन्द्र है। यहां हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते है। लेकिन बांध क्षेत्र में आम लोगों का प्रवेश वर्जित होने के कारण पर्यटकों को निराश होती है।
बता दे कि लगभग 8 साल पहले तक गंगरेल का बांध क्षेत्र सभी के लिए खुला था जहां गंगरेल पहुंंचने वाला लगभग हर श्रद्धालु और पर्यटक बांध के उपर पहुंचता और बांध के मनोरम दृश्य का लुत्फ उठाता था। विशेषकर बारिश के मौसम में बांध पर्यटकों से हमेशा गुलजार रहता था। लेकिन बांध क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते अब यहां सालों से वीरानी छाई हुई है। इस बीच कई बार विभिन्न संगठनों व पर्यटकों द्वारा बांध पर पुन: प्रवेश देने की मांग भी की गई लेकिन आज तक प्रतिबंध जारी है। इसलिए गंगरेल बांध पहुंचने वाले हजारों पर्यटक बांध को दूर से ही निहार कर मायूस होते है।
बांध के ऊपर ई-रिक्शा चलाने की योजना ठप्प
लगभग डेढ साल पहले तत्कालीन कलेक्टर नम्रता गांधी द्वारा गंगरेल बांध निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होने कहा था कि गंगरेल के बांध के ऊपर अब आम पर्यटकों को प्रवेश दिया जायेगा। ताकि बकायदा पूरे बांध क्षेत्र का लुत्फ पर्यटक उठा सकें। इसके लिए बांध के ऊपर ई-रिक्शा भी चलाई जाएगी। इससे पर्यटन के साथ ही रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। तत्कालीन कलेक्टर के इस कथन व निर्देश के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही वे फिर बांध क्षेत्र को करीब से परिवार संग निहार पायेंगे, लेकिन ई-रिक्शा चलाने की यह योजना घोषणाओं तक ही सीमित रह गया है।
बांध क्षेत्र में हो रहे कई मेंटनेंस कार्य
बता दे कि बांध पर आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है गेट के दोनो ओर विभागीय चौकीदार तैनात रहते है। विभागीय कर्मचारियों मजदूरों के साथ ही आसपास के ग्रामीणों को भी प्रवेश दिया जाता है। बांध क्षेत्र में सुरक्षा घेरा को नया लगवाकर मजबूत किया गया है। सहित कई अन्य मेंटनेंस कार्य हुए है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि संभवत: बांध क्षेत्र में जल्द ही आम नागरिकों को प्रवेश दिया जायेगा।

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