Uncategorized

मनरेगा का नाम बदलना राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नाम और आदर्शो का अपमान है

कांग्रेसियों ने कहा नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलना भाजपा की सक्रिण मानसिकता ओछी राजनीति को दर्शाता है


धमतरी। कांग्रेस द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के केन्द्र सरकार के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग कांग्रेसियंो द्वारा लगातार की जा रही है।
इस संबंध में विधायक ओंकार साहू, पूर्व विधायक व वर्तमान पीसीसी उपाध्यक्ष गुरुमुख सिंह होरा, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक व वर्तमान कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक लेखराम साहू पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहाना, प्रदेश कांग्रेस स. सचिव पंकज महावर, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष नीशु चन्द्राकर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद पवार, दुग्ध महासंघ के पूर्व अध्यक्ष विपिन साहू, जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर, कांग्रेस नेत्री घमेश्वरी साहू, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत के करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं और भूमिहीनों के लिए एक जीवनरेखा है। यह अधिनियम हर हाथ को काम, काम का पूरा दाम के सिद्धांत पर आधारित एक अधिकार-आधारित कानून है, जो ग्रामीण नागरिकों को 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देता है। कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार के इस कदम को एक जन-कल्याणकारी, अधिकार-आधारित कानून को कमजोर करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि नाम परिवर्तन के बहाने कानून के मूल स्वरूप और मजदूरों के कानूनी अधिकारों को समाप्त कर उन्हें दया-दान आधारित व्यवस्था पर निर्भर बनाने की कोशिश की जा सकती है। मनरेगा का नाम बदलने से संबंधित किसी भी प्रस्ताव या विधेयक को तत्काल निरस्त करने की मांग कांग्रेसियों ने की है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा के नाम से महात्मा गांधी को हटाने का प्रयास भाजपा-आरएसएस कर रही है। गांधी जी के विचारों और मूल्यों के प्रति असहजता को यह निर्णय दर्शाता है। उन्होंने इसे राष्ट्रपिता के नाम और उनके आदर्शों का अपमान बताया है। सभी ने इसे भाजपा की ओछी राजनीति करार दिया। भाजपा सरकार के पास विकास के नाम पर अपने कार्यकाल में गिनवाने के लिए कुछ नहीं है। बड़ी बातें करना और विपक्ष पर हमले बोलना ही भाजपा की राजनीति का हिस्सा बन गया है। न तो केंद्र में और न ही छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार में ऐसा कोई काम हुआ है, जिसे विकास का नाम दिया जा सके। भाजपा बदले की भावना के साथ-साथ बदलने की भावना से काम कर रही है। भाजपा सरकार देश के इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। कांग्रेस के शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को नाम बदलने के साथ उनमें संशोधन करके कमजोर करने का काम किया जा रहा है। मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। मनरेगा का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसकी गारंटी को भी भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!