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​बजट आर्थिक स्थिरता का विज़न, लेकिन टेक्सटाइल में जीएसटी विसंगतियों और स्थानीय निवेश पर चेंबर की पैनी नज़र-राजा रोहरा

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष राजा रोहरा एवं धमतरी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला एक संतुलित दस्तावेज बताया है। चेंबर का मानना है कि बजट में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास पर जो 12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, वह देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आयकर की नई व्यवस्था में मध्यम वर्ग को दी गई राहत से बाजार में क्रय शक्ति बढ़ेगी, जो अंततः व्यापारिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी।​व्यापारिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करते हुए राजा रोहरा ने कहा कि हालांकि बजट में एम एस एम ई क्षेत्र को मजबूती देने के प्रयास किए गए हैं, किंतु टेक्सटाइल मार्केट में व्याप्त मंदी को दूर करने के लिए जी एस टी सुधारों की जो बड़ी अपेक्षा थी, वह अधूरी रह गई है। वर्तमान में 2500 से अधिक के कपड़ों पर 18 प्रतिशत जी एस टी की उच्च दर कपड़ा व्यापार के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो रही है। इस ऊंचे टैक्स स्लैब के कारण व्यापारिक चक्र धीमा पड़ गया है और छोटे व मध्यम स्तर के व्यापारियों की पूंजी अटक कर रह गई है। चेंबर को उम्मीद थी कि सरकार इस विसंगति को दूर कर व्यापारियों को राहत प्रदान करेगी, ताकि यह महत्वपूर्ण रोजगार प्रदाता क्षेत्र पुनः पटरी पर लौट सके।
​शिक्षा के क्षेत्र में बजट के प्रावधानों को चेंबर ने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताते हुए सराहा है। कौशल विकास और डिजिटल शिक्षा पर केंद्रित यह बजट देश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। शिक्षा के लिए किया गया रिकॉर्ड आवंटन न केवल साक्षरता दर बढ़ाएगा, बल्कि रोजगारोन्मुखी शिक्षा के माध्यम से कौशल भारत के सपने को साकार करेगा। आम नागरिकों के लिए यह बजट ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने वाला है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की पूर्ण संभावना है।
​अंत में, बजट के प्रभाव और धमतरी जैसे शहरों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए राजा रोहरा ने कहा कि चूंकि यह केंद्र सरकार का व्यापक बजट है, इसलिए इसके बड़े निवेश कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित करना अनिवार्य है। धमतरी में औद्योगिक निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के नए अवसर लाने के लिए अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सक्रिय पहल करनी होगी। चेंबर ने मांग की है कि केंद्र की बड़ी योजनाओं और निवेश प्रस्तावों में धमतरी जैसे व्यापारिक केंद्रों को प्राथमिकता दिलाने हेतु स्थानीय नेतृत्व को ठोस रणनीति बनाकर केंद्र के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि देश की प्रगति के साथ-साथ धमतरी के व्यापारिक और औद्योगिक परिदृश्य में भी वास्तविक बदलाव आए।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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