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वीबी – जी राम जी योजना क्रांतिकारी और लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर है

सिहावा विधानसभा के पूर्व विधायक पिंकी शिवराज शाह व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र गोलछा ने अधिनियम में बदलाव को बताया श्रमिको के लिए हितकारी कदम


नगरी। सिहावा विधानसभा के पूर्व विधायक पिंकी शिवराज शाह व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र गोलछा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 लागू किया गया है, यह अधिनियम गांव को आत्मनिर्भर बनाने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मिल का पत्थर साबित होगा। मनरेगा योजना अंतर्गत मजदूरों को केवल 100 दिन का काम मिलता था, जी राम जी में 125 दिन का काम मिलेगा। मनरेगा योजना में मजदूरी भुगतान विलंब से होता था, जी राम जी योजना में बायोमेट्रिक के तहत हाजरी होगी और 15 दिन के अंदर उनके खाते में राशि चली जाएगी। जी राम जी योजना के तहत कृषि कार्य के दौरान 65 दिन कम बंद रहेंगे। मनरेगा योजना में कौन से काम लेना है पहले शासन के तय करता था अब जी राम जी योजना के तहत हितग्राही मूलक, मजदूरी मूलक तो होगा साथ-साथ अधोसरंचना के कार्य जो ग्राम सभा तय करेंगी वह भी काम होंगे। मनरेगा कानून में बदलाव ग्रामीणो अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने व मजदूरो को उनके अधिकार बेहतर तरीके से प्रदान करने के उद्देश्य से किये जा रहे है। कांग्रेस इसका सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से विरोध कर रही है। वीबी – जी राम जी योजना क्रांतिकारी और लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों के लिए समर्पित व प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजग़ार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 अब पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगा।
सिहावा विधानसभा के पूर्व विधायक पिंकी शिवराज शाह व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र गोलछा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की वार्षिक आय में बड़ी वृद्धि सुनिश्चित होगी। मजदूरों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इसमें यह प्रावधान किया गया है कि अब मजदूरी का भुगतान मात्र 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब होता है, तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। इससे श्रमिकों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा होगी और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

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