भालूझुलन में फूड पार्क का सुलझा विवाद, प्रशासन ने की ग्रामीणों की शंकाएं दूर

कुरुद। भालूझुलन में प्रस्तावित फूड पार्क को लेकर महीनों से चले आ रहे गतिरोध को एसडीएम ने अपनी प्रशासनिक कुशलता और सैटेलाइट विजन से समाप्त कर दिया है। विवाद की जड़ ग्रामीणों का वह डर था जिसमें उन्हें लगता था कि उद्योग विभाग उनके खेल मैदान, गोठान और श्मशान की जमीन छीन लेगा। एसडीएम नभ सिंह कोशले और तहसीलदार सूरज बंछोर ने इस संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को सीधे बातचीत की मेज पर आमंत्रित किया। एसडीएम ने केवल फाइलों का हवाला नहीं दिया, बल्कि आधुनिक सैटेलाइट इमेज का सहारा लेकर ग्रामीणों के सामने गांव का डिजिटल खाका रख दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि गांव की निस्तारी भूमि पूरी तरह सुरक्षित है और औद्योगिक विकास के लिए आवंटित भूमि उससे अलग है। ग्रामीणों को नक्शे के माध्यम से गोठान, चारागाह और खेल मैदान के लिए आरक्षित रिक्त भूमि की वास्तविक स्थिति दिखाई गई। आबादी विस्तार के लिए छोड़े गए भूखंडों की जानकारी साझा की गई, जिससे ग्रामीणों का संशय दूर हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फूड पार्क आने से स्थानीय युवाओं के लिए उद्यम और नौकरी के नए द्वार खुलेंगे। एसडीएम की इस पारदर्शी कार्यशैली से प्रतिनिधिमंडल में शामिल उदयराम साहू, रामाधार कंवर, संतोष यादव, माणिक पटेल और मनसा राम साहू संतुष्ट नजर आए। ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि सही जानकारी न होने के कारण भ्रम की स्थिति बनी थी। अब वे वापस जाकर ग्रामवासियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे और निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से शुरू करने में सहयोग करेंगे।
