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खरीफ पूर्व कृषि केंद्रों पर प्रशासन सख्त, अनियमितता पर लाइसेंस निरस्तीकरण और नोटिस जारी

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में खरीफ सीजन से पहले कृषि केंद्रों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान उप संचालक कृषि एवं उर्वरक निरीक्षकों की टीम द्वारा जिलेभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान बीते 7 अप्रैल को कुल 25 विक्रय केंद्रों की जांच की गई, जिसमें एक उर्वरक लाइसेंस को निरस्त किया गया है। वहीं तीन केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में विकासखंड मगरलोड के मेसर्स प्रवीण खाद भंडार कोलियारी में निर्धारित स्थान पर व्यवसाय नहीं करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने जैसी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अलावा कुछ अन्य केंद्रों में स्टॉक में अंतर, आवश्यक सूचना का अभाव और मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने जैसी कमियां सामने आईं।
इसी प्रकार नवागांव और नगरी क्षेत्र के कुछ केंद्रों में निर्धारित सीमा से अधिक उर्वरक भंडारण और अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित संचालकों से जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार ही उर्वरकों का भंडारण और विक्रय करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे उर्वरक खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उचित दर पर और सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए लगातार निरीक्षण और निगरानी जारी रहेगी।

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