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मनरेगा सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा बैठक संपन्न

धमतरी जिला 38.09 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन करने में राज्य में प्रथम


धमतरी। जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में रामनारायण राठौर कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, नकुल प्रसाद वर्मा उपसंचालक पंचायत, धरम सिंह सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, सर्व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री वर्षा रानी चिकनजुरी,  अमित सेन, सुश्री दिव्या ठाकुर, रोहित बोर्झा, अनुविभागीय अधिकारी आर.ई.एस., कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न एजेंडों के आधार पर जिले की राज्य स्तर पर स्थिति, प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ठाकुर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना, आधारभूत संरचना का विकास करना तथा जल संरक्षण के कार्यों को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदित लेबर बजट तथा मानव दिवस सृजन की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जिले में 38.09 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं और इस उपलब्धि के आधार पर धमतरी जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। इस उपलब्धि पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सराहना करते हुए कहा कि यह जिले के लिए गौरव की बात है कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में धमतरी राज्य में अग्रणी बना हुआ है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 तक स्वीकृत निर्माण कार्यों की पूर्णता की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में स्वीकृत निर्माण कार्यों की पूर्णता का प्रतिशत 95.09 प्रतिशत है जो कि राज्य के औसत से बेहतर है। सर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देशित किया गया कि शेष कार्यों को भी समयसीमा में पूर्ण किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का लाभ शीघ्र मिल सके। बैठक में आजीविका डबरी निर्माण की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा में बताया कि जिले में अब तक 89 आजीविका डबरी का निर्माण किया जा चुका है। यह योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है क्योंकि इससे खेतों में जल संरक्षण हो रहा है और सिंचाई की सुविधा बढ़ रही है। श्री ठाकुर ने कहा कि आजीविका डबरी निर्माण से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित कार्ययोजना की स्थिति पर भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के ग्राम पंचायतों में औसतन प्रति ग्राम पंचायत 25 कार्यों को आधार मानकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया कि शेष ग्राम पंचायतों में भी जल्द से जल्द जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार कर उसे क्रियान्वित किया जाए। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण की प्रगति पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि जिले में सामाजिक अंकेक्षण के अंतर्गत ग्राम सभाओं का आयोजन तथा प्रकरणों के निराकरण की प्रगति 64.32 प्रतिशत है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने निर्देशित किया कि सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए तथा सभी लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है और आम जनता का विश्वास बढ़ता है। बैठक के दौरान जल संबंधी कार्यों पर व्यय प्रतिशतता की भी समीक्षा की गई। जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों पर कुल व्यय का 30.15 प्रतिशत खर्च किया गया है जिससे जिले की राज्य में स्थिति 27वें स्थान पर है। इस पर सीईओ जिला पंचायत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी समय में जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और अधिक से अधिक राशि इन कार्यों पर व्यय की जाए ताकि जल संकट की समस्या को दूर किया जा सके। इसके अलावा बैठक में पंजीकृत श्रमिकों के ई.के.वाय.सी. की प्रगति की समीक्षा की गई। जिले में श्रमिकों के ई.के.वाय.सी. की प्रगति 98.90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है जो कि अत्यंत संतोषजनक है। श्री ठाकुर ने कहा कि शेष श्रमिकों का भी शीघ्र ई.के.वाय.सी. पूर्ण कराया जाए ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत ने निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में श्री ठाकुर ने यह भी कहा कि जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण, कृषि विकास और आधारभूत संरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिये जावें ।–

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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