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89 साल पुराने गोलबाजार के उन्नयन और जीर्णोद्धार की है आवश्यकता

नगर पालिका से निगम बजट तक 25 सालों से कार्य सिर्फ हो रहा है प्रस्तावित, स्वीकृति के इंतजार में, धरातल पर कार्य शून्य

बजट में बढ़ती रही राशि लेकिन नहीं मिली स्वीकृति

धमतरी। शहर के हृदय स्थल पर स्थित शहर का सबसे पुराना गोलबाजार का इतिहास लगभग 9 दशक का है। साल 1937 में अंग्रेजी शासनकाल मे गोल बाजार की स्थापना हुई थी, आज साल 2026 में गोल बाजार निर्माण को 89 वर्ष हो रहे और बिगत ढाई दशक से गोल बाजार के उन्नयन जीर्णोद्धार की आवश्यकता महसूस हो रही है। लेकिन विडम्बना है कि बीते 25 सालों में यह आवश्यकता पूरी नहीं हो पाई है।
बता दे कि लगभग सन 2000 से गोल बाजार के उन्नयन जीर्णोद्धार की मांग हो रही है। साल 2017 में पीडब्ल्यूडी द्वारा बाजार को जर्जर घोषित किया गया था। आज 9 साल बाद भी जर्जर घोषित हो चुके गोल बाजार के स्वरुप में कोई बदलाव नहीं किया गया है वैसे सन 2000 से लेकर अब तक कई बार नगर पालिका से लेकर निगम बजट तक गोल बाजार के पुननिर्माण हेतु कई बार बजट का प्रस्ताव रखा गया है। साल दर साल बजट बढ़ता रहा लेकिन स्वीकृति आज तक नहीं मिल पाई। साल 2015-16 में 5 करोड़ का प्रस्ताव बना जो कि बढ़कर आज कई गुना बढ़ चुकी है।
दीवारों में दरारे, सीलन, उखड़ रहा प्लास्टर, टीन शेड जर्जर
लगभग 9 दशक पुराने गोलबाजार की दुकाने अब काफी जर्जर हो चुकी है। दुकानों में कई जगह दरारे है. सीलन की समस्या से व्यापारी सालों से जूझ रहे है। दीवारों से प्लास्टर उखड़ते रहता है। दुकानों के टीन शेड सड़ चुके है। स्थिति ऐसी है कि यहां हर पल हादसे की आंशका बनी रहती है।
उन्नयन और मल्टीलेवल पार्किंग से व्यवस्थित होगा गोलबाजार, ट्रैफिक होगा दुरुस्त
गोलाबाजार के उन्नयन व जीर्णोद्धार की आवश्यकता सिर्फ जर्जर दुकानों के कारण ही आवश्यक नहीं है। बल्कि गोल बाजार को व्यवस्थित करने के लिए भी आश्यक है। गोलाबाजार सालों से अव्यवस्थित है। पुननिर्माण के बाद मल्टीलेवल पार्किंग बन सकता है। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग हो सकती है जिससे पार्किंग की सालों पुरानी समस्या ठीक हो सकती है। ग्रिल आदि लग जाने से आवारा मवेशियों के विचरण की समस्या नहीं होगी। वर्तमान में बेहद तंग गलियों के बाजार में कई दुकान और शेड संचालित है। इससे ग्राहको को भी परेशानी होती है। रास्ते चौड़े हो सकते है। बाजार व्यवस्थित हो सकता है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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