टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी रहवास क्षेत्र एवं महानदी कैचमेंट में 15 वर्षों में लगभग 1 लाख वृक्ष काट कर किया 106 हेक्टेयर (265 एकड़) में अतिक्रमण
इसरो की सॅटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वेक्षण से जुटाए डिजिटल सबूत:सीतानदी रेंज धमतरी के जैतपुरी गाँव के 166 अतिक्रमणकारी अब खायेंगे जेल की हवा

टाइगर रिज़र्व टीम 3 वर्ष में 850 हेक्टेयर अतिक्रमण हटा चुकी है, 600 शिकारी-तस्कर-अतिक्रमणकारी हुए गिरफ्तार
टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी रहवास क्षेत्र एवं महानदी कैचमेंट में 15 वर्षों में लगभग 1 लाख वृक्ष काट कर 106 हेक्टेयर (265 एकड़) में अतिक्रमण किया गया है इसरो की सॅटेलाइट इमेजरी और ड्रोन सर्वेक्षण से डिजिटल सबूत जुटाये गए है.:सीतानदी रेंज धमतरी के जैतपुरी गाँव के 166 अतिक्रमणकारी अब जेल की हवा खाएंगे. उक्त जानकारी उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व उप निदेशक वरुण जैन ने दी है.
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में 45 हेक्टेयर में अतिक्रमण किया गया था जिसको 10 वर्षों में बढ़ाकर 106 हेक्टेयर कर लिया, सभी अतिक्रमणकारियों के पास राजस्व क्षेत्र में भी स्वयं की भूमि फिर भी लालच मे अतिक्रमण किया गया.साक्ष्यों के आधार पर अतिक्रमण क्षेत्र में अवैध कमाई से खरीदी गयी संपत्ति भी अटैच होंगी.वाइल्डलाइफ एक्ट में 7 साल एवं लोक संपत्ति क्षति अधिनियम में 3 साल तक का सथम कारावास का प्रावधान है.टाइगर रिज़र्व टीम 3 वर्ष में 850 हेक्टेयर अतिक्रमण हटा चुकी है, 600 शिकारी-तस्कर-अतिक्रमणकारी गिरफ्तार हुए है जिससे मानव-वन्यप्राणी द्वन्द लगभग शून्य रहा है.अतिक्रमित भूमि पर भू-जल संरक्षण संरचनाये एवं वृक्षारोपण होगा.इसरो की सेंटॅलाइट इमेजरी वर्ष 2008, 2010, 2012, 2022 से अवैध कटाई के विस्तार का खुलासा हुआ , ड्रोन सर्वेक्षण से एक-एक कब्जाधारी के कब्जे को चिह्नांकित किया गया.वर्तमान में भी कई वृक्षों को काटकर एवं गर्डलिंग (वृक्ष की छाल को छीलकर) अतिक्रमण कर बढ़ा रहे थे.महानदी का उदगम स्थल है सीतानदी वनक्षेत्र, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जज भी कर चुके है दौरा.टाइगर रिज़र्व के बाहर स्थित ग्राम जैतपुरी के 166 अतिक्रमणकारियों ने 15 वर्षों में उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के सीतानदी कोर क्षेत्र में 106.16 हेक्टेयर (265 एकड़) सघन वन क्षेत्र को काटकर सिलसिलेवार अतिक्रमण किया. इनमे से कुछ आरोपियों के विरुद्ध वर्ष 2011 में भी पी ओ आर दर्ज किया गया था तब अतिक्रमण का रकबा 45 हेक्टेयर था. सभी 166 आरोपियों के विरुद्ध POR क्रमांक 15/10, 15/11, 15/12 और 15/13 दर्ज किया गया है एवं आरोपियों को बेदखली नोटिस दिया गया है. पी ओ आर दर्ज करने के पूर्व पूरे अतिक्रमण क्षेत्र की सर्वे-ड्रोन से हाई रिसोलूशन इमेजरी तैयार की गयी है जिसमे समस्त खेत, कटे वृक्ष एवं ठूंठ को 10 सेंटीमीटर तक ज़ूम कर देखा जा सकता है. इसके साथ ही इसरो से वर्ष 2006, 2008, 2010, 2012 एवं 2022 की सॅटेलाइट इमेजरी मंगवाई गयी है जिसमे भारी मात्रा में बन आवरण की कमी प्रदर्शित हो रही है. अतिक्रमण क्षेत्र में 15 वर्षों में बनों का घनत्व 1000 वृक्ष प्रति हेक्टेयर से मात्र 25-50 वृक्ष प्रति हेक्टेयर हो चुका है जिससे स्पष्ट है कि अतिक्रमणकारियों द्वारा लगभग 1 लाख वृक्षों को काटकर साफ़ किया गया है.सीतानदी कोर क्षेत्र न केवल महानदी का उद्गम स्थल है बल्कि हाथी, तेंदुआ, बाघ जैसे वन्यप्राणी का रहवास स्थल भी है जिससे टाइगर रिज़र्व एवं उसके बाहर के ग्रामो में मानव-बन्यप्राणी द्वन्द नियंत्रण में रहता है. अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गये इस अपराध ने क्षेत्र की इकोलॉजी पर गंभीर असर डाला है जिसको बेदखली के पश्यात रिस्टोर किया जावेगा.

