नौतपा के पहले दिन ही गर्मी ने किया बेहाल, 44 डिग्री के करीब रहा पारा
तेज धूप के चलते दोपहर में सड़को पर पसरा सन्नाटा, दो जून तक जारी रहेगा नौतपा


धमतरी। आज से नौतपा की शुरुवात हुई है। नौतपा के 9 दिनों को साल का सबसे गर्म दिन माना जाता है। आज पहले दिन समाचार लिखे जाने तक आसमान साफ रहा। जिससे सूरज की किरणे सीधे धरती पर पड़ती रही है। जिससे पारा 44 डिग्री के करीब पहुंच गया। लोग गर्मी से बेहाल रहे। ज्ञात हो कि आज से नैातपा प्रारंभ होकर 2 जून तक रहेगा। ज्योतिषी के अनुसार इन 9 दिनो ंमें सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में रहने के कारण धरती में ताप बढ़ जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि नौतपा में जितनी ज्यादा गर्मी पड़ती है उतनी ही अच्छी वर्षा भी होती है। धार्मिक दृष्टि से भी नौतपा को महत्वपूर्ण माना गया है इस दौरान जरुरतमंदो को ठंडी वस्तुओं जल, सत्तु, घड़ा, छाता, फल, दान करना बेहद शुभ व पुण्यदायी माना जाता है। नौतपा के 9 दिन सूर्य की किरणे धरती पर सीधी पड़ती है जिससे भीषण गर्मी पड़ती है। यदि मौसम में बदलाव न हो तो लोग गर्मी से हलाकान हो सकते है। बता दे कि विगत कुछ दिनों से तेज गर्मी पड़ रही है। लोग दोपहर को आवश्यक कार्य होने पर ही घरो से बाहर निकल रहे है। जिसके चलते शहर के मुख्य मार्गो में वाहनों की आवाजाही काफी कम हो जाती है। ट्रैफिक का दबाव घट जाता है। कुछ मार्गो मेंं तो सन्नाटा भी पसर जाता है। गर्मी नौ दिनो तक अधिक रहती है. गर्म हवाओ से बचने लोग चेहरे पर स्कार्प बांधे एवं चश्मा लगाये हुए नजर आये।
गर्मी व लू से बचने किये जा रहे जतन
भीषण, गर्मी, उमस गर्म हवाओं से सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जिस प्रकार गर्मी पड़ रही है। उससे लोगों की सेहत बिगड़ रही है। लोग डिहाईड्रशन के शिकार हो रहे है। इसलिए डाक्टरों द्वारा लगातार पानी सेवन व तरल प्रदान लेने की हिदायत दे रहे है। साथ ही धूप और लू से बचने हेतु दोपहर में घरों से बाहर निकलने से बचने, मौसमी फल के सेवन और हल्के रंग के व सूती व ढीले कपड़े पहनने की हिदायत दे रहे है।
बढ़ी फलों, शीतल पेय पदार्थो की मांग
बढ़ती गर्मी के चलते लोगो की दिनचर्या ही बदल गई है. साथ ही लोग गर्मी से बचने शीतल पेयो का जमकर सेवन कर रहे है. इससे गन्ना जूस, लस्सी, कोल्ड्रिंक्स सहित अन्य शीतल पेय दुकानो में दिन भर लोगो की भीड़ जुटने लगी है. साथ ही कुछ लोगो का ऐसा मानना है कि प्याज खाने से लू लगने का खतरा कम हो जाता है. इसलिए वे इसका सेवन कर रहे है. गर्मी के मौसम में फलों को सेवन उत्तम माना जाता है। इसलिए रसीले फलों की डिमांड काफी बढ़ गई है।
