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पेंशनरों की उपेक्षा एवं विसंगति के खिलाफ छत्तीसगढ़ के पेंशनर रायपुर में 5 जून को करेंगे प्रदर्शन


धमतरी। पेंशनर्स एसो. छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष यशवंत देवान ने कहा छत्तीसगढ़ प्रदेश पेंशनर एवं पेंशनर परिवार वर्षों से पीडि़त हैं, सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनका पुत्र अनुकंपा नियुक्ति से वंचित है जबकि उसके परिवार में विधवा माता ने कृषि मजदूरी कर लड़के को पढ़ाई पूर्ण कराई है। विभाग के अधिकारी कहते है कि अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन समयसीमा के अंदर जमा नहीं किये, जबकि वास्तविकता यह है कि शासकीय सेवक की पत्नी ने समयसीमा में पुत्र के नाबालिग होने का प्रमाण, कक्षा 8 वीं की पढ़ाई करते समय दे दिया था। छ.ग. शासन, गंभीरता से संज्ञान ले। दोषी विभाग पर कार्यवाही करें एवं पुत्र को अनुकम्पा नियुक्ति दे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त पेंशनर 5 जून को रायपुर में प्रदर्शन करेंगे। 41 वर्ष पूर्व कर्मचारी सेवानिवृत्ति के 16 माह पूर्व कार्य पर गंभीर बीमारी के चलते कार्य पर उपस्थित नहीं हो पाया। बाद में उसकी मृत्यु हो गई। परंतु कर्मचारी की विधवा पत्नी पारिवारिक पेंशन से, सेवा के बाद मिलने वाली राशियों से, यहां तक कि सेवाकाल में विभाग द्वारा जबरदस्ती प्रतिमाह जीपीएफ में काटी गई राशि से वंचित है। विधवा की उम्र लगभग 67 वर्ष है। छ.ग. शासन ने विधवा को भुगतान का आदेश 6 माह पूर्व जारी कर दिया है, परन्तु विभाग मौन है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली, उच्च न्यायालय छग के आदेशों के बाद वर्ष 2000 से लंबित 86 माह के राहत, वर्ष 2006 के पूर्व रिटायर्ड पेंशनरों को 32 माह एवं वर्ष 2016 के पूर्व रिटायर्ड पेंशनरों को 27 माह के पेंशन एरियर्स देने, आदेश के बाद भी छग शासन मौन है। शायद पेंशनरों के मरने का इंतजार है। केन्द्र सरकार के पेंशनरों के पेंशनरों से छत्तीसगढ़ 2 प्रतिशत महंगाई राहत से पीछे है। पेंशनरों की उपेक्षा एवं विसंगति पर छत्तीसगढ़ के समस्त पेंशनर राजधानी रायपुर में 5 जून शुक्रवार को एकत्रित होकर, छत्तीसगढ़ शासन को जगाने निर्णय लेंगे। पेंशनरों के समस्त संगठन उपेक्षा से पीडि़त हैं, साथ देने सहमत हैं।

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