स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने महापौर की एक और पहल : जटायु सफाई मशीन खरीदने शासन को भेजा गया 60 लाख प्रस्ताव
शक्तिशाली वैक्यूम तकनीक पर कार्य करती है मशीन, गीला व सूखा दोनो कचरे का हो पायेगा बेहतर उठाव व निराकरण

धमतरी। धमतरी नगर निगम स्वच्छता की दृष्टिकोण से लगातार बेहतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में नये नये एडवांस तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य हो रहे है। अब महापौर रामू रोहरा नई तकनीक वाले एडवांस सफाई मशीन जटायु की सुविधा धमतरी निगम को दिलाने हेतु 60 लाख का प्रपोजल राज्य सरकार को भिजवाया है।
महापौर रामू रोहरा ने चर्चा के दौरान बताया कि स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शहरों में जटायु सफाई मशीन का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। यह मशीन नालियों, सीवर लाइनों तथा संकरी जगहों में जमा कचरा और गाद की सफाई करने में अत्यंत उपयोगी साबित होने की जानकारी मिल रही है। वर्तमान में प्रदेश के दो बड़े नगर निगम रायपुर व रायगढ़ में इस मशीन से स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। जटायु सफाई मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है, जिसके माध्यम से बिना किसी व्यक्ति को सीधे गंदगी या सीवर के अंदर उतारे सफाई कार्य किया जा सकता है। इससे सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है तथा कार्य की गति और गुणवत्ता में भी सुधार आता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मशीन नालियों में जमे प्लास्टिक, गाद एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को आसानी से निकालने में सक्षम है। मशीन के उपयोग से सफाई कार्य में लगने वाला समय कम होता है और स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है। बताया जा रहा है कि जटायु मशीन के संचालन से मैनुअल सफाई पर निर्भरता कम होगी तथा स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही सफाई कर्मचारियों को असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने से राहत मिलेगी।
कचरा खींचने के साथ ही मशीन के भीतर होगा डिस्ट्राय
महापौर रामू रोहरा ने बताया कि जटायु मशीन वैक्यूम आधार सफाई मशीन इससे विशेष रुप से गीला-सूखा दोनो प्रकार के कचरे उठाये जा सकते है। इसकी खासियत यह है कि कचरा खींचने के बाद मशीन के भीतर ही कचरे को डिस्ट्राय कर दिया जाता है। वर्तमान में मैनुअली कचरा उठाकर कचरे को अलग कर मणीकंचन केन्द्र लेकर कचरे को डिस्ट्राय कर अन्य उपयोग में लाया जाता है। जटायु मशीन से इस लंबी प्रक्रिया से राहत मिल पायेगी और कार्य में तेजी से आयेगी। इसके संचालन के लिए ज्यादा मेन पावर की जरुरत नहीं पड़ती। ऐसे में कम मेन पावर में ज्यादा काम तेजी से हो पायेगा। और स्वच्छता और भी बेहतर हो पायेगी।

