विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर, योगेश फाउंडेशन द्वारा,धर्म एवं राजनीति पर हुई परिचर्चा गोष्ठी
राजनीति में अधर्म वर्जित होना चाहिए - अंकिता

धमतरी। राजनीति में अधर्म वर्जित होना चाहिए क्योंकि अधर्म समाज में भय, अन्याय और विभाजन उत्पन्न करता है।जबकि धर्म रहित राजनीति जनता का विश्वास,सुख और राष्ट्र की स्थिरता सुनिश्चित करती है। उक्त बातें योगेश फाउंडेशन द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित राजनीति में अधर्म क्यों वर्जित होना चाहिए विषय पर गोष्ठी के दौरान समाज सेवी श्रीमती अंकिता रत्नेश मिश्रा द्वारा कही गई। इसी कड़ी में राष्ट्रीय संगठन संत सुरक्षा मिशन के राष्ट्रीय संयोजक जानकी वल्लभ तीर्थ महराज ने कहा कि,राजा या शासक के लिए विनम्रता के साथ नीति भी आवश्यक है।यदि मंत्री, वैद्य और गुरु भय या स्वार्थ से केवल प्रिय बाते कहने लगे तो राज्य धर्म और शरीर तीनों का नाश हो जाता है। भारतीय जनता पार्टी धमतरी शहर महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमति पूजा कुंजाम ने इस अवसर पर कहा कि दूसरों के हित से बड़ा कोई धर्म नही, और दूसरों को कष्ट पहुंचाने से बड़ा कोई पाप नहीं। राजनीति यदि जनसेवा छोड़कर स्वार्थ और अत्याचार का माध्यम बन जाए तो वह अधर्म बन जाती है। समाज सेवी चंद्रकला पटेल, स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक भूपेन्द्र मिश्रा, विप्र विद्वत परिषद् के अध्यक्ष बालेंद्र पांडे, प्रसिद्ध कथा वाचक अशोक शास्त्री ने बताया कि,राम राज्य में जनता भय, अन्याय और दुख से मुक्त थी क्योंकि शासन धर्म और न्याय पर आधारित था।आज भी राजनीति का उद्देस्य जनता को सुरक्षा,सम्मान और सुविधा देना होना चाहिए। सीनियर सिटीजन रिटायर्ड तहसीलदार रामवतार शर्मा एवं रिटायर्ड मतस्य निरीक्षक कमल नारायण तिवारी ने कहा कि, राजनीति में अक्सर यह देखा गया की अधर्म,छल, अहंकार और अन्याय पर आधारित शासन अंतत: विनाश की ओर जाता है। कार्यक्रम का संचालन अशोक मिश्रा एवं आभार विद्या शंकर दीवान द्वारा किया गया।