धमतरी में जल संरक्षण की बड़ी पहल : 36 वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण पूरा जल भराव वाले क्षेत्रो को चिन्हित कर तैयार किया जा रहा सिस्टम
नगर निगम 44 स्थानों पर बना रहा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वर्षा के जल को पहुंचाया जायेगा सीधे भूमि के भीतर, भूजल स्तर में होगा सुधार
प्रत्येक की लागत लगभग एक लाख, कुल 44 लाख की लागत से हो रहा निर्माण


धमतरी । जल संरक्षण को बढ़ावा देने और शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में नगर निगम धमतरी ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। निगम द्वारा शहर के 44 चिन्हित स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) सिस्टम का निर्माण कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य वर्षा के पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसे जमीन के भीतर पहुंचाना है, ताकि भूजल स्तर में सुधार हो और भविष्य में जल संकट की समस्या को कम किया जा सके।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में वर्षा जल नालों और ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से व्यर्थ बह जाता है। अब इन 44 स्थानों पर बनाए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से वर्षा का पानी सीधे रिचार्ज पिट में पहुंचेगा, जिससे भूजल का पुनर्भरण होगा। इसका लाभ आने वाले वर्षों में शहर के हैंडपंपों, बोरवेलों और अन्य जल स्रोतों को मिलेगा। निगम द्वारा सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख सड़कों, शासकीय परिसरों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों का चयन कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अब तक 36 स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग कार्य पूरा हो चुका है। जबकि 8 सिस्टम का ले आउट नहीं लिया गया है जल्द ही ले आउट जारी कर शेष सिस्टम को भी बनवाया जाएगा।
गर्मी के मौसम में रिकार्ड स्तर तक नीचे चला गया था भूजल स्तर
इस वर्ष गर्मी के मौसम में भूजल स्तर रिकार्ड 69 फीट तक नीचे चला गया था। जिससे शहरी क्षेत्र के निगम के 20 बोर से पानी नहीं मिल पाया या पानी का फोर्स काफी कम रहा। शहर के 150 में से 70 हैंडपंप सूख गये। जिससे जल संकट की स्थिति रही। साल दर साल स्थिति बिगड़ती जा रही है। इसलिए वर्षा के जल को व्यर्थ बहाने के स्थान पर भूमिगत करने पर नगर निगम जोर दे रहा है। ताकि भविष्य में वाटर लेवल बना रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी योजनाएं समय की हैं आवश्यकता
निगम का प्रयास है कि मानसून के दौरान अधिकतम वर्षा जल का संग्रहण और भूजल रिचार्ज सुनिश्चित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, कंक्रीटीकरण और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी योजनाएं समय की आवश्यकता हैं। यदि इन प्रणालियों का नियमित रखरखाव किया जाए तो आने वाले वर्षों में शहर की जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
भूजल संरक्षण व भविष्य की पीढिय़ों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में कर रहे प्रयास – विजय मोटवानी

पर्यावरणविदों व शहरवासियों ने भी नगर निगम की इस पहल का स्वागत किया है। निगम लोक निर्माण विभाग अध्यक्ष विजय मोटवानी ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से भी सफल होगा। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की अपील की है। श्री मोटवानी का मानना है कि यह परियोजना न केवल भूजल संरक्षण में मददगार होगी, बल्कि भविष्य की पीढिय़ों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
