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सार्थक स्कूल की कमज़ोर दृष्टि वाली दो विशेष बालिकाओं को मिले नए चश्मे

सार्थक स्कूल, धमतरी में अध्ययनरत दो विशेष बालिकाओं की दृष्टि अत्यंत कमजोर होने के कारण उन्हें दैनिक जीवन, अध्ययन एवं प्रशिक्षण में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उनकी आवश्यकता को संवेदनशीलता से समझते हुए धमतरी के समाजसेवी एम. एल. चौरड़िया के पुत्र श्री आशीष चौरड़िया एवं पुत्रवधु श्रीमती नमिता चौरड़िया ने दोनों बालिकाओं को उच्च गुणवत्ता के नए चश्मे भेंट किए, ताकि वे स्पष्ट रूप से देख सकें, आत्मविश्वास के साथ सीख सकें और जीवन में आगे बढ़ने के अपने सपनों को नई उड़ान दे सकें। इस अवसर पर प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय पंजवानी ने दोनों बालिकाओं की निःशुल्क नेत्र जांच कर उचित पावर के चश्मों का परामर्श दिया। नेत्र जांच के अवसर पर डॉ. वंदना पंजवानी का भी सहयोग रहा।
सार्थक स्कूल की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने कहा कि ,समाज में ऐसे संवेदनशील एवं सेवा-भावी लोगों के कारण ही विशेष बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण जगती है। किसी बच्चे को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहयोग देना केवल दान नहीं, बल्कि उसके भविष्य को संवारने का श्रेष्ठ प्रयास है।
चौरड़िया दम्पति ने कहा, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और उनकी आँखों में नई चमक देखना हमारे लिए सबसे बड़ा संतोष है। यदि हमारे छोटे-से सहयोग से इन बच्चियों का जीवन थोड़ा भी सहज और उज्ज्वल बनता है, तो यही हमारे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों में हमारा सहयोग निरंतर बना रहेगा। इस अवसर पर संस्था की सचिव स्नेहा राठौड़ तथा प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशल्या यादव एवं काजल रजक सुनैना गोड़े ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के ऐसे सहयोग से विशेष बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते हैं।
एवं समाज से अपील की कि, विशेष बच्चों की आवश्यकताओं को समझकर उनके जीवन में खुशियों और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी लाने में सहभागी बनें।

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