जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने किया केंद्रीय जेल बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण: कैदियों के पुनर्वास और सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर
आधुनिक मशीनें, स्मार्ट शिक्षा और बेहतर भोजन व्यवस्था के लिए की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

बिलासपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बुधवार को केंद्रीय जेल बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को कैदियों के पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण स्वीकृतियां प्रदान कीं। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और कैदियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान डीजी जेल ने जेल उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन तथा एलईडी बल्ब एवं ट्यूबलाइट निर्माण के लिए मशीन सेटअप उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी। इससे जेल उद्योग का विस्तार होगा और बंदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे रिहाई के बाद उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
कैदियों की शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए जेल में स्मार्ट बोर्ड की मंजूरी भी दी गई। साथ ही जेल पुस्तकालय में टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस, हितवाद सहित प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बंदियों के सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और समसामयिक विषयों की जानकारी में वृद्धि हो सके।
कैदियों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 20 आरओ वाटर प्यूरीफायर, जेल पाकशाला के लिए ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन, महिला जेल के लिए इन्वर्टर तथा कैदियों के उपयोग हेतु 2,000 थाली सेट उपलब्ध कराने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।इस अवसर पर डीआईजी जेल एस.एस. तिग्गा, जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेल चिकित्सक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
*डीजी श्री गुप्ता ने कैदियो की ली अंग्रेजी की कक्षा*
निरीक्षण के दौरान डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने केवल व्यवस्थाओं का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि स्वयं कैदियों की अंग्रेजी की कक्षा भी ली। उन्होंने बंदियों को अंग्रेजी भाषा सीखने के उपयोगी टिप्स दिए और उन्हें शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।इसके बाद उन्होंने कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
*जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है- डीजी हिमांशु गुप्ता*
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र है, जहां बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य और पुनर्वास गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

