15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा साइबर जागृति अभियान: धमतरी पुलिस ने आज 15 स्कूलों में पहुंचाया साइबर सुरक्षा का संदेश
साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता बनी ढाल - जिले के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को दी गई डिजिटल सुरक्षा की जानकारी

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलाए जा रहे व्यापक साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में जिले में साइबर जागरूकता गतिविधियों को व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिले के सभी अनुभागों के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस टीमों द्वारा स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं आम नागरिकों के बीच पहुंचकर साइबर सुरक्षा का संदेश दिया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों एवं युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना तथा ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को रोकने के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।
स्कूलों में पहुंची पुलिस, विद्यार्थियों को बताए साइबर सुरक्षा के गुर
इसी क्रम में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फेक लिंक, फर्जी केवायसी अपडेट, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लॉटरी एवं गिफ्ट मैसेज सहित साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में जानकारी दी।
सभी थाना क्षेत्रों के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रमों में लगभग 4,000 विद्यार्थी एवं शिक्षकगण शामिल हुए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बढ़ते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के तरीके एवं उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि साइबर अपराधी किस प्रकार बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार अथवा अन्य परिचित बनकर लोगों को विश्वास में लेते हैं.
जागरूकता की एक सेल्फी से जन-जन तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूकता की एक सेल्फी” अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता का संदेश अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिया।
