सार्थक स्कूल में विशेष बच्चों ने मनाई कृष्ण जन्माष्टमी
लुंकड़ परिवार ने बच्चों के साथ साझा की जन्माष्टमी की खुशियां, कान्हा बने पृथ्वीराज ने फोड़ी दही हांडी

सार्थक स्कूल में विशेष बच्चों ने कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे उत्साह, उमंग और भक्ति भाव के साथ मनाया। कान्हा, राधा, ग्वाल-बाल और मां यशोदा के रूप में सजे बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से वातावरण को कृष्णमय कर दिया। कृष्ण गीत ‘श्याम चूड़ी बेचने आया’ पर बच्चों की सुंदर नृत्य प्रस्तुति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।
कार्यक्रम में प्राची सोनी ने कान्हा और भारती सोनी ने राधा का रूप धारण किया। वहीं मनीषा, बेबी, वत्सला, प्रीति, नेमेश, विनीत, एकलव्य एवं कुलदीप सहित अन्य विशेष बच्चे ग्वाल-बाल एवं मां यशोदा के रूप में आकर्षक वेशभूषा में नजर आए।
लुंकड़ परिवार ने बच्चों के साथ मनाई जन्माष्टमी
जन्माष्टमी के इस विशेष आयोजन में सार्थक संस्था के प्रमुख सेवाभावी सदस्य जयंती लुंकड़ एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शांति लुंकड़ एवं भाई नरेश लुंकड़ परिवार सहित शामिल हुए। जयंती लुंकड़ के पोते तथा विमल लुंकड़ एवं हर्षिता लुंकड़ के पुत्र पृथ्वीराज लुंकड़ ने अपने प्रथम जन्मदिन के अवसर पर कान्हा का रूप धारण कर विशेष बच्चों के साथ दही हांडी फोड़ी। चॉकलेट से भरी दही हांडी फूटते ही बच्चों के चेहरों पर खुशी खिल उठी।
लुंकड़ परिवार ने विशेष बच्चों के लिए स्वल्पाहार कराया तथा सार्थक स्कूल को सहयोग राशि भेंट की। पृथ्वीराज का पहला जन्मदिन विशेष बच्चों के साथ खुशियां बांटकर मनाने की यह पहल जन्मदिन को सेवा, स्नेह और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए यादगार बना गई।
जयंती लुंकड़ ने कहा कि सार्थक के विशेष बच्चों के साथ समय बिताना हमेशा खुशी और संतोष देता है। बच्चों की प्रतिभा और उत्साह देखकर मन प्रसन्न हो जाता है। उन्होंने बच्चों के लिए सार्थक द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।हर्षिता लुंकड़ ने कहा कि पृथ्वीराज का पहला जन्मदिन विशेष बच्चों के साथ मनाने की बहुत इच्छा थी। बच्चों के बीच आकर उनके साथ खुशियां बांटना पूरे परिवार के लिए बेहद सुखद और यादगार अनुभव रहा। बच्चों की मुस्कान ने इस दिन को और भी खास बना दिया।नरेश लुंकड़ ने कहा कि विशेष बच्चों के बीच आकर उनके साथ समय बिताना उनके लिए बेहद आत्मीय अनुभव रहा। बच्चों का अपनापन और मुस्कान देखकर वे भावुक हुए और कहा कि इन बच्चों के साथ खुशियां बांटना वास्तव में मन को छू लेने वाला अनुभव है।कार्यक्रम का आकर्षक एवं आत्मीय संचालन सार्थक स्कूल की सचिव स्नेहा राठौड़ ने किया। लुंकड़ परिवार ने बच्चों की प्रस्तुतियों की मुक्त कंठ से सराहना की तथा बच्चों की प्रतिभा को निखारने में सार्थक के प्रशिक्षकों के समर्पण, धैर्य और संवेदनशीलता की प्रशंसा की।इस अवसर पर सार्थक स्कूल की सचिव स्नेहा राठौड़, जयंती लुंकड़, श्रीमती शांति लुंकड़, नरेश लुंकड़, ममित लुंकड़, आशीष लुंकड़, निलेश लुंकड़, विमल लुंकड़, हर्षिता लुंकड़, शिवांगी, आरिका, कृति, हार्दिक, सुभाष मालिक सहित प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशिल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े, सविता शेख एवं शकुंतला सोनी उपस्थित रहे।
