ब्राह्मण पारा गणेश उत्सव में नन्हे कलाकारों ने बिखेरी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा
5 से 12 वर्ष के बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता में मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन

धमतरी। ब्राह्मण पारा गणेश उत्सव समिति के तत्वावधान में देवशरण वर्मा के संयोजन में गणेश उत्सव के अवसर पर 5 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। नन्हे कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती शोभा दुबे, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरदाह थीं। अध्यक्षता श्री विनोद पाण्डेय, प्राचार्य ज्ञान अमृत हाई स्कूल ने की। विशेष अतिथि के रूप में राजेश पाण्डेय, भागवत निर्मलकर, सुरेश कुमार साहू, कोमल सार्वा, पार्षद ब्राह्मण पारा वार्ड, श्रीमती नंदनी साहू एवं प्रशांत कमल वर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत देवशरण वर्मा परिवार द्वारा किया गया। स्वागत एवं पूजा-अर्चना के बाद नन्हे कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं विभिन्न गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की सुंदर वेशभूषा, भाव-भंगिमा एवं आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा पूरा परिसर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। मुख्य अतिथि श्रीमती शोभा दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे मंच अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आयोजन समिति को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। छत्तीसगढ़ी लोककला से जुड़कर बच्चे अपनी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री विनोद पाण्डेय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों में प्रतिभा, संस्कार और संस्कृति का सुंदर समन्वय दिखाई दिया। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी कला प्रदर्शित करने के साथ-साथ मंचीय अनुभव प्राप्त करने का अवसर देते हैं। न्होंने कहा कि कला और संस्कृति बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विशेष अतिथि राजेश पाण्डेय, भागवत निर्मलकर, सुरेश कुमार साहू, कोमल सार्वा, श्रीमती नंदनी साहू एवं प्रशांत कमल वर्मा ने अपने-अपने उद्बोधन में बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में विशिष्ट प्रतिभा होती है, जिसे प्रोत्साहन और उचित मंच मिलने पर वह निखरकर सामने आती है। गणेश उत्सव जैसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास करते हुए उन्हें अपनी जड़ों और लोकसंस्कृति से जोड़ते हैं। उन्होंने आयोजन समिति, प्रतिभागी बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये नन्हे कलाकार भविष्य में समाज और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। गणेश उत्सव के पावन अवसर पर आयोजित यह प्रतियोगिता भक्ति, संस्कृति और बाल प्रतिभा का सुंदर संगम बन गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में गणेश उत्सव समिति एवं आयोजन को सफल बनाने में गणेश उत्सव समिति एवं देवशरण वर्मा सहित आयोजन से जुड़े सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

