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सेवा संकल्प अभियान:आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट टीवी की सौगात, रोचक होगी बच्चों की पढ़ाई

धमतरी- सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए अधिक आकर्षक, ज्ञानवर्धक और सीखने के अनुकूल बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के प्रयासों तथा स्थानीय राइस मिल एसोसिएशन के सहयोग से जिले के 82 आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे प्रारंभिक बाल शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और सहज बनाने में मदद मिलेगी। स्मार्ट टीवी के माध्यम से बच्चे खेल-खेल में अक्षर, अंक, रंग, आकार, कविताएं, कहानियां, बालगीत तथा देश-दुनिया से जुड़ी उपयोगी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में स्मार्ट टीवी वितरण की यह पहल विभिन्न विकासखंडों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ाई गई है। नगरी विकासखंड में आयोजित निदान-03 शिविर के दौरान मुख्य अतिथि कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने 46 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्मार्ट टीवी वितरित किए। वहीं कुरूद में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री अजय चंद्राकर ने 32 आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट टीवी प्रदान किए। इसके अतिरिक्त धमतरी ग्रामीण क्षेत्र के डूबान अंचल के चार आंगनबाड़ी केंद्रों को भी स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए गए। इस प्रकार जिले के कुल 82 आंगनबाड़ी केंद्र इस सुविधा से लाभान्वित हुए हैं।

जिले में 1,164 आंगनबाड़ी केंद्रों का व्यापक नेटवर्क

धमतरी जिले में कुल 1,164 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें नगरी विकासखंड में 372, कुरूद में 291, धमतरी ग्रामीण में 239, मगरलोड में 201 तथा धमतरी शहरी क्षेत्र में 61 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। स्मार्ट टीवी की उपलब्धता से इन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

बागवानी से पोषण, चित्रांकन से सीखने का आनंद

जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पढ़ाई और पोषण तक सीमित न रखते हुए बच्चों के लिए बेहतर वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। केंद्र परिसरों में उपलब्ध खाली जमीन का उपयोग बागवानी के लिए किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर ताजी हरी सब्जियां उगाने और बच्चों के भोजन में पौष्टिक सब्जियों को शामिल करने में मदद मिल रही है। साथ ही बच्चों को पौधों, हरियाली और प्रकृति के प्रति सहज रूप से जागरूक करने का अवसर भी मिल रहा है।

वहीं बालानुमा अवधारणा के तहत केंद्रों की दीवारों और उपलब्ध स्थानों को शिक्षण-सहायक माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। दीवारों पर वर्णमाला, गिनती, फल-सब्जियों, पक्षियों तथा अन्य उपयोगी विषयों से संबंधित रंगीन चित्र बनाए जा रहे हैं। इससे केंद्रों का वातावरण आकर्षक बनने के साथ बच्चे अपने आसपास की चीजों को देखकर, पहचानकर और उनसे जुड़कर सीख सकते हैं। स्वच्छता, सुरक्षित परिसर और बच्चों की आवश्यक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

कलेक्टर का संदेश: बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बच्चों का शुरुआती बचपन उनके व्यक्तित्व, सीखने की क्षमता और भविष्य की नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण समय होता है। हमारा प्रयास है कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, आकर्षक और ज्ञानवर्धक स्थान बनें। स्मार्ट टीवी के माध्यम से शिक्षा को रोचक बनाने, बागवानी से पोषण को बढ़ावा देने तथा बालानुमा अवधारणा के जरिए सीखने का अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस कार्य में स्थानीय राइस मिल एसोसिएशन का सहयोग सराहनीय है। जनभागीदारी से ऐसे प्रयासों को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी।

धमतरी जिले में प्रशासन और स्थानीय सहयोग के समन्वय से आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाने की यह पहल बाल शिक्षा, पोषण और रचनात्मक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है। तकनीक, पोषण और सीखने के अनुकूल वातावरण का समन्वय बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा को आनंददायक बनाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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