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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव ने आजादी की लड़ाई में किया धमतरी का नेतृत्व – विजय साहू

कंडेल सत्यग्रह के प्रमुख सूत्रधार थे बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव:- नीलेश लुनिया

धमतरी। भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ के इतिहास की प्रमुख घटना कंडेल नहर सत्याग्रह के सूत्रधार बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। शहर मंडल अध्यक्ष विजय साहू ने कहा कि बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव का जन्म 28 फरवरी 1889 को कंडेल के एक संपन्न परिवार में हुआ था। पं. सुन्दरलाल शर्मा और नारायणराव मेघावाले के सम्पर्क में आकर उन्होंने राष्ट्रीय आन्दोलनों में भाग लेना शुरू कर दिया। वर्ष 1915 में उन्होंने श्रीवास्तव पुस्तकालय की स्थापना की। यहाँ राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत देश की सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाएं मंगवाई जाती थी। आगे चल कर धमतरी का उनका घर स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख केंद्र बन गया। वह वर्ष 1918 में धमतरी तहसील राजनीतिक परिषद के प्रमुख आयोजकों में से थे। शहर मंडल महामंत्री नीलेश लुनिया ने कहा कि बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव को सर्वाधिक ख्याति कन्डेल नहर सत्याग्रह से मिली। अंग्रेजी सरकार के अत्याचार के खिलाफ उन्होंने किसानों को संगठित किया। अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ संगठित जनशक्ति का यह पहला अभूतपूर्व प्रदर्शन था। स्वदेशी प्रचार के लिए उन्होंने खादी उत्पादन केंद्र की स्थापना की। वर्ष 1937 में श्रीवास्तव जी धमतरी नगर पालिका निगम के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी बाबू साहब की सक्रिय भूमिका थी। कार्यक्रम का आभार कोमल सार्व द्वारा किया गया।जिसमे प्रमुख रूप से विजय साहू, शिव नारायण छाटा,नीलेश लुनिया,श्रीमति चन्द्रकला पटेल, श्रीमति ईश्वरी पटवा,सूरज शर्मा, कोमल सार्वा,अमित साहू, अशोक सिन्हा,श्रीमति उषा निर्मलकर,श्रीमति ज्योति यादव,सुभाष रजक,आदर्श दुबे,अक्षत डागा, बसंत तिवारी,मर्दुबला श्रीवास्तव, गौरी सोनी,सुमित्रा नामदेव, तिलक नामदेव, नेहा नामदेव, प्रतिमा सोनी एवं वार्डवासी मौजूद थे।

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