श्री धनकेसरी मंगल भवन में लगा दो दिवसीय हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट शिविर
शिविर का लाभ उठाने पहले दिन पहुंचे लोग

धमतरी। अप्रैल 2019 के पूर्व के सभी वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दिया गया है। जिसके चलते वाहनों के नम्बर प्लेट बदले जा रहे है। नम्बर प्लेट लगाने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। बाउजूद इसके अब तक हजारों वाहनों में नये नम्बर प्लेट नहीं लग पाये है। नम्बर प्लेट लगाने आज व कल 6 जून को दो दिवसीय हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट शिविर श्री धनकेसरी मंगल भवन में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें न्यूनतम शुल्क में नया नंबर प्लेट अप्लाई किया गया। आज शिविर के पहले दिन सुबह से लोग नया नम्बर प्लेट के लिए आवेदन करने पहुंचे। इस संबंध में शिविर प्रभारी संजय दुग्गड ने बताया कि शिविर का लाभ उठाने दस्तावेज जैसे आधार कार्ड,आरसी कार्ड आदि आवश्यक रुप से लाये। श्री दुग्गड़ ने सभी से अपील करते हुए कहा कि हाई सिक्योंरिटी नम्बर प्लेट सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया है यह हमारी व वाहनो के सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इसलिए सभी जागरुकता का परिचय दे हुए शिविर का लाभ उठायें।
जिले में अप्रैल 2019 के पूर्व के है 1 लाख 80 हजार वाहन है रजिस्टर्ड
सरकार द्वारा वाहनों की सुरक्षा को पुख्ता और हाईटेक करने के उद्देश्य से अब पुरानी गाडिय़ों पर भी हाई सिक्योरिटी नम्बर को अनिवार्य कर दिया है। 16 दिसम्बर 2024 से यह नियम लागू हो गया है। लेकिन इसका पालन जिले में अभी तक ठीक से नहीं हो रहा है। लोग धीरे-धीरे इस ओर रुचि दिखाने लगे है। लेकिन अभी भी जागरुकता कम है। 15 अप्रैल को नम्बर प्लेट लगाने की समय-सीमा सामाप्त हो गई है। वर्तमान में आरटीओ द्वारा बिना हाई सिक्योरिटी वाले नम्बर प्लेट वाले वाहनों की जांच की जा रही है। फिलहाल समझाईश दी जा रही है। इसके बाद भी नया नम्बर प्लेट नहीं लगाने पर कार्रवाई हो सकती है। पुराने नम्बर प्लेट की जगह हाई सिक्योरिटी क्रोमियम नम्बर लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। अब तक मात्र कुछ हजार गाडिय़ों में ही हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लग पाया है। नया नम्बर प्लेट रजिस्टे्रशन करने वाले कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में अप्रैल 2019 से पहले की 1 लाख 80 हजार वाहन रजिस्टर्ड है जिनका नया रजिस्टे्रशन होना है जिनमें से कई गाडिय़ा दुर्घटना ग्रस्त होकर या पुरानी होकर कबाड़ हो चुकी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि लगभग सवा लाख गाडिय़ां ही रनिंग कंडिशन में होगी।
ये होंगे हाई सिक्योरिटी नम्बर के फायदे
हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के फायदों को देखते हुए इसे अब पुराने वाहनों में भी अनिवार्य किया गया है। बता दे कि यह नम्बर प्लेट एल्युमिनियम से तैयार होता है। प्लेट का बाई ओर के ऊपरी कोने पर क्रोमियम आधारित एक होलोग्राम होता है। जिसमें वाहन की सम्पूर्ण जानकारी होती है। इस नम्बर प्लेट में एक युनिक कोड होता है ऐसे में यदि वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाये तो हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट से वाहन मालिक सहित अन्य जानकारियां तत्काल उपलब्ध हो सकता है। वाहन चोरी के दौरान वाहन को ट्रेस कर पकडऩे में भी हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट मद्दगार साबित होगा।
