बिजली बिल हाफ योजना के तहत मिलने वाली छूट सीमा घटाने का निर्णय प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ है अन्याय – आकाश गोलछा
शहर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष ने की सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा
कहा कांग्रेस इस जनविरोधी फैसले का करेगी पुरजोर विरोध

धमतरी। शहर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश गोलछा ने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार को जनविरोधी बताया है। श्री गोलछा ने कहा कि प्रदेश में बिजली बिल हाफ योजना के तहत मिलने वाली छूट सीमा घटाने का निर्णय प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस इस जनविरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करेगी।
श्री गोलछा ने कहा कि 20 माह के कार्यकाल में ही भाजपा ने जनविरोधी फैसले लेने का कीर्तिमान रच लिया है। भूपेश सरकार के कार्यकाल में 400 यूनिट तक खपत पर हाफ बिजली बिल योजना का लाभ उपभोक्ताओं को मिलता था। जिसे घटाकर केवल 100 यूनिट खपत पर ही हाफ बिजली बिल योजना का लाभ दिये जाने का निर्णय भाजपा ने लिया है। यदि, 100 यूनिट से 1 यूनिट भी अधिक खपत हुई तो उपभोक्ताओं को छूट नहीं मिलेगा। उन्हें पूरा बिजली बिल भरना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेश वासियों को राहत प्रदान करने के लिए एक भी नई योजना नहीं बनाई है। बल्कि, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई जनहित के सभी योजनाओं को बंद करने की दिशा में काम किया है। जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तब से लगातार जनविरोधी निर्णय लिए जा रहे हैं। गौठानों को बंद कर दिया गया, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थिति बदहाल है। अस्पतालों में जाँच, ईलाज, दवा उपलब्ध नहीं है। प्रदेश का जल, जंगल जमीन, खनिज संसाधन अडाणी के हवाले कर दिया गया और अब भाजपा ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद करने की नीयत से गरीब व मध्यम वर्ग परिवारों के विरूद्ध एक और अन्याय पूर्ण कदम उठाया है। कांग्रेस ने 400 यूनिट बिजली खपत तक हाफ बिजली बिल योजना का लाभ प्रदेश के 44 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का प्रदान किया। जिससे प्रत्येक उपभोक्ता का 50 से 60 हजार रूपए की बचत होती थी। भाजपा सरकार ने बिजली के दाम चौथी बार बढ़ाया था। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है। सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करके की गई थी। डेढ़ साल के भीतर साय सरकार ने घरेलू बिजली की दरों में अब तक कुल 80 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की है।
