विप्र विद्ववत परिषद ने दीपावली 21 को मनाने का लिया निर्णय

धमतरी। विप्र विद्वत परिषद धमतरी की बैठक हुई, जिसमें इस वर्ष भारत देश में सर्वाधिक व्यापक रूप से मनाये जाने वाले हिन्दुओं के सबसे बड़े पर्व दीपावली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति कों लेकर मंथन किया गया। परिषद ने निर्णय लिया कि प्रदोष व्यापिनी कार्तिक अमावस्या को महालक्ष्मी पूजन या दीपावली मनाने का शास्त्रों का आदेश है। 21 अक्टूबर को संध्या 5 बजकर 55 मिनट तक अमावस्या व्याप्त रहेगी, अत: शास्त्र वचन के अनुसार यदि पूर्व दिन में अमावस्या पुरे प्रदोषकाल को व्याप्त कर रही हो फिर भी अगले दिन वह यदि 1 घड़ी के 24 मिनट के लिए भी उदय व्यापनी अमावस्या प्रदोषकाल में विद्यामान हो तो दुसरे दिन ही दीपावली पर्व मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। धर्मसिंधु एक ऐसा निबंध ग्रन्थ है जिसने बहुत प्राचीन ग्रंथों का तुलनात्मक अध्ययन कर पर्व को मनाने की एक सुंदर व्यवस्था बनायी है। विप्र परिषद ने निर्णय लिया कि छत्तीसगढ़ का सुप्रसिद्ध देव पंचाग के अनुसार कार्तिक मास कृष्ण पक्ष उदय व्यापनी अमावस्या प्रदोषकाल 21 अक्टूबर मंगलवार को दीपावली महालक्ष्मी पूजन किया जायेगा। परिषद ने अपील किया है कि उपरोक्त दिये गये तिथियों के अनुसार दीपावली को मनाया जाय। पर्व एवं तिथियों को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रमित न हो। बैठक में मुख्य रूप से परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक शास्त्री, पंडित होमन शास्त्री पंडित महेश शास्त्री, पंडित संतोष तिवारी, पंडित अयोध्या पाण्डेय, पंडित राजकुमार तिवारी, पंडित महेंद्र तिवारी, पंडित दीनानाथ पाण्डेय, पंडित वैभवधर दीवान, पंडित श्रीकांत तिवारी, पंडित आलोक त्रिपाठी सहित परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
