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धूल से निजात दिलाने निगम करे स्थायी समाधान, बनायी जाये ड्रेन टू ड्रेन सड़क – देशांत जैन

ओव्हर लोड वाहनों से सड़क होती है खराब, बारिश में रेत डंपिंग प्वांईट बनाये ऐसे स्थान पर ताकि रेत वाहने न करे शहर प्रवेश

सड़क मरम्मत हेतु हो गुणवत्तापूर्ण कार्य, गड्ढो में मलबा डालने से बढ़ी धूल की समस्या

धमतरी। शहर के मुख्य मार्गो में धूल का गुबार छाया हुआ है। धूल से शहर वासी परेशान है। जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लगातार निजात दिलाने की मांग की जा रही है। इसी कड़ी में भाजपा नेता देशांत जैन ने धूल से राहत दिलाने नगर निगम को स्थायी समाधान करने की मांग की है। देशांत जैन ने कहा कि मुख्य मार्गो पर धूल का प्रमुख कारण सोल्डर रोड है बेहतर व सुगम यातायात एवं धूल मुक्त सड़क हेतु ड्रेन टू ड्रेन सड़क का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में शहर की अधिकांश प्रमुख सड़को के किनारे नाली तक कच्ची सड़क है। जिससे मिट्टी बारिश के मौसम में मुख्य सड़क पर आ जाती है। जो कि सूखकर धूल में तब्दील हो जाती है। वाहनों के आवागमन के दौरान उड़ती रहती है। जिससे धूल का गुबार छाया रहता है। इसलिए ड्रेन टू ड्रेन सड़क निर्माण पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। देशांत जैन ने आगे कहा कि शहर के भीतर चलने वाले रेत भरी वाहने ज्यादातर ओव्हरलोड रहती है। ऐसे में सड़के खराब होकर उखड़ जाती है। यह भी धूल का प्रमुख कारण इसलिए प्रशासन को बारिश के मौसम में रेत डंपिंग प्वाईंट व ऐसे स्थानों पर बनाया जाना चाहिए। जिससे रेत वाहने शहर के भीतर कम से कम प्रवेश करे। शहर के मुख्य मार्गो में बने रोड डिवायडर के किनारे भी धूल का मोटी परत जमा रहती है। नियमित रुप से उक्त परत की सफाई कराई जानी चाहिए। जिससे कुछ हद तक लोगो को धूल से राहत मिलेगी। श्री जैन ने कहा कि शहर की अधिकांश सड़के गड्ढो में तब्दील हो चुकी है। गड्ढो की मरम्मत हेतु गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाना चाहिए। लेकिन खानापूर्ति करते हुए गड्ढो में मलबा पाटा जाता है। जो कि सड़क पर बिखर जाता है। वर्तमान में यह भी धूल का प्रमुख कारण है। ऐसे में प्रशासन को धूल के कारणो पर ध्यान देते हुए उपाये करने चाहिए।


उल्लेखनीय है कि शहर में धूल की बढ़ती समस्या से लोग परेशान है। सड़क किनारे घर व दुकानो में धूल का परत जम रही है। लगातार धूल के सम्पर्क में रहने से त्वचा, श्वास, जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। राहगीरों व वाहन चालकों के आंखो में धूल के कण जाने की शिकायते भी बढ़ गई है।

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