विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे अधूरे पीएम आवास के निर्माण हेतु मिली 7.37 करोड़ो की तकनीकि स्वीकृति, जल्द मिल सकती है प्रशासकीय स्वीकृति
महिमा सागर वार्ड ट्रेचिंग ग्राउंड के पास स्थित पीएम आवास निर्माण को पूरा करने भेजा गया 9.79 करोड़ का प्रस्ताव
पूर्व में करोड़ो खर्च व 8 साल बाद भी शहरी पीएम आवास है अधूरा
स्वयं रिपेयरिंग कर निवास कर रहे है कुछ रेल्वे प्रभावित परिवार, असामाजिक तत्वों का भी बना रहता है खतरा

धमतरी। शहर में कुछ ऐसे विकास के प्रोजेक्ट है जो सालों पहले शुरु हुए थे लेकिन आज तक पूरे नहीं हो पाये है। उक्त प्रोजेक्ट अव्यवस्था लापरवाही की भेंट चढ़ गये है। इसका खामियाजा इसके लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि साल 2016-17 में महिमा सागर वार्ड अन्तर्गत ट्रेचिंग ग्राउंड के पास शहरी पीएम आवास योजना अन्तर्गत मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण शुरु किया गया लेकिन विडम्बना है कि आज तक यह निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। 70 से 75 प्रतिशत तक काम भी हो चुका है। पूरी बिल्डिंग खड़ी है लेकिन इसके बाद का काम नहीं हो पाया। बता दे कि दो साल में इसे पूरा करना था लेकिन 8 साल बीतने के बाद भी यह पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार काम बंद कर सालों पहले ही गायब हो चुका है। उक्त आवास का लाभ रेल्वे प्रतिभावितों को देने की योजना थी। आखिरकार जब रेल्वे ने कब्जा हटाया तो अधूरे पीएम आवास में प्रभावितों को छत की तलाश में जाना पड़ा। स्वयं के खर्च से कुछ मरम्मत भी करवाना पड़ा। मजबूरन अधूरे आवास में रहना पड़ रहा है। यहां 256 युनिट के निर्माण के लिए निगम लगातार प्रयासरत है। इसके लिए 9.79 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इसी प्रकार मां विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे साल 2018 में शहरी पीएम आवास योजना के तहत आवास निर्माण प्रारंभ हुआ यहां 182 युनिट का निर्माण कार्य पूरा करने पर निगम जोर दे रहे ही। बता दे कि शुरुवाती स्तर पर ही काम हो पाया फिर काम अटक गया जो कि आज 6-7 साल से अटका हुआ ही है। इस प्रकार यह शहरी पीएम आवास की अधूरा ही रह गया है। उक्त निर्माण को पूरा करने द्वारा 7.37 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिसकी तकनीकि स्वीकृति मिल चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही प्रशासकीय स्वीकृति भी मिल जाएगी। इसके पश्चात उक्त आवास निर्माण पूरा हो पायेगा।
असामाजिक तत्वों का खतरा, सामानों की चोरी
महिमा सागर वार्ड वाले पीएम आवास में सालों तक काम बंद रहने के बाद जब अचानक रेल्वे प्रभावित वहां निवास करने पहुंचे तो उन्हें वहां असामाजिक तत्वों का भय हर पल बना रहता है। इसी प्रकार मां विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे शहरी पीएम आवास तो खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां गंजेडिय़ों और शराबियों का जमघट लगा रहता है। यहां लोहे के सरिया आदि की चोरी भी हो चुकी है।
किसी प्रकार के हादसे के पूर्व ही निगम ने खड़े किये हाथ

महिमा सागर वार्ड स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत बने मकानो में कुछ परिवार महीनों पहले रहना शुरु कर चुके है। चूंकि आवास पूरी तरह कम्प्लीट नहीं है। ऐसे में यहां किसी प्रकार की हादसे की आशंका को देखते हुए नगर निगम द्वारा पीएम आवास के बिल्डिंग की दिवार पर सूचना अंकित किया गया है कि उक्त पीएम आवास निर्माणाधीन है और यहां अनाधिकृत रुप से निवासरत लोगो के साथ कोई अप्रिय घटना या हादसा होता है तो इसकी जिम्मदारी निगम की नहीं होगी। इससे लोगो में चर्चा है कि हादसे के पूर्व ही निगम ने हाथ खड़े कर दिये है।
”विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे अधूरे पीएम आवास निर्माण हेतु 7.37 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था जिसे तकनीकि स्वीकृति मिल गई है जल्द ही प्रशासकीय स्वीकृति भी मिल सकती है। वहीं महिमा सागर वार्ड स्थित पीएम आवास को कम्प्लीट करने 9.79 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। ÓÓ
पीसी सार्वा
उपायुक्त नगर निगम धमतरी

