रायपुर-विशाखापटनम ग्रीन कॉरीडोर में वन्य जीवो की सुरक्षा पर फोकस : 28 मंकी कैनोपी, 21 एनिमल पास वे रुट व बनाये गए हाथी अंडर ब्रिज
464 किमी लंबे सिक्सलन एक्सप्रेस वे का कार्य है तेजी से जारी, रायपुर से विशाखापटनम की घटेगी दूरी व समय
कॉरीडोर छत्तीसगढ़, ओडि़सा, आंध्रप्रदेश को जोड़ेगी

धमतरी। रायपुर- विशाखापटनम इकोनमिक कॉरिडोर का निर्माण तीव्र गति से जारी है। उक्त कॉरिडोर की खासियत यह होगी कि इस कॉरिडोर में वाहनों की सुगमता के साथ ही वन्य प्राणियों की सुगमता का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है।
बता दे कि 464 किमी लंबे उक्त कॉरिडोर में वन्य जीवो की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। उक्त कॉरिडोर में हाथियों, बंदरो, बाघ, तेन्दुआ, भालु, सांप जैसे अन्य वन्य प्राणियों के लिए स्वतंत्र मार्ग बनाए जा रहे है। इस कॉरिडोर क्षेत्र में उदंती सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र आता है। लगभग 26 किमी का मार्ग अभ्यारण्य क्षेत्र से होकर गुजरता है। वन विभाग द्वारा उक्त क्षेत्र को वन्य जीवो का विचरण क्षेत्र बनाया है। इसलिए उक्त मार्ग सहित अन्य क्षेत्र में बंदरो के गुजरने हेतु 28 मंकी कैनोपी, कई हाथी अंडर ब्रिज, 21 एनिमल पास के रुट और सांप जैसे जीव जो जमीन पर रेंगते है उनके लिए पाईप डालकर बिल बनाया गया है ताकि वन्य जीव वाहनों की चपेट में आये बिना सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कर सके और दुर्घटना घटित न हो।
घटेगी दूरी आदिवासी, पिछड़े क्षेत्रो की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
बता दे कि 464 किमी कॉरिडोर से छत्तीसगढ़ और विशाखापटनम की दूरी लगभग 125 किमी कम हो जाएगी। उक्त कॉरिडोर के तहत छत्तीसगढ़ में 124 किमी, ओडि़सा में 240 किमी और आंध्रप्रदेश में 100 किमी का सड़क निर्माण किया जा रहा है। पहले जहां रायपुर विशाखापटनम पहुंचने में 12 से 14 घंटे लगते थे अब यह दूरी 7 घंटे के भीतर पूरी हो जाएगी। उक्त कॉरिडोर बनने से आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रो जिनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ के 4 जिलो धमतरी, कांकेर, बस्तर, कोण्डागांव की रोड कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। इससे व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के लगभग 125 किमी मार्ग 108 किमी सड़क निर्माण हुआ पूरा
भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर विशाखापटम कॉरिडोर का निर्माण त्रीव गति से जारी है। यह तीन राज्यो से होकर गुजरेगा जिसमें छत्तीसगढ़ में लगभग 125 किमी की सड़क होगी जिसमें लगभग 108 किमी सड़क का डामरीकरण निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। मात्र 17 किमी सड़क में काम बाकी है शेष कार्य को भी तीव्र गति से किया जा रहा है। एनएचएआई की पूरी टीम तत्परता के साथ जुटी हुई है।
सड़क सुविधा के साथ प्रकृति की सुरक्षा का विशेष ख्याल – एनएचएआई क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल ने बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत निर्माणधीन रायपुर-विशाखापटनम् सिक्सलेन कॉरिडोर में बेहतर सड़क सुविधाओं के साथ प्रकृति की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसलिए वन विभाग के राय अनुसार वन्य जीवो की सुरक्षा व विचरण क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए मंकी कैनोपी एनिमल रुट पास वे हाथी अंडर ब्रिज व सांप आदि रेंगने वाले जीवों के लिए सुरंग का निर्माण भी किया गया है।
:- मंकी कैनोपी (ब्रिज) सड़क के ऊपर दोनो तरफ के पेड़ो को जोड़ता है
:- हाथियों के लिए अंडर ब्रिज बनाया गया है जिससे हाथी सुरक्षित सड़क के नीचे से गुजर पाएंगे।
:- 2017 में मिली स्वीकृति, 2026 तक हो सकता है पूरा।
:- कॉरिडोर अभनपुर से शुरु होकर सीधे जुड़ेगी विशाखापटनम से।
:- घने जंगलो के बीच बन रही खूबसूरत सड़क।
:- गाडिय़ों के शोर को जंगल तक पहुंचने लगाए गए है स्पेशल ग्रीन शीट

