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बच्चों में भारत के संस्कार प्रेषित करना आवश्यक है – कविता बाबर

लोहरसी स्कूल में मातृ -पितृ दिवस मनाया गया


धमतरी । शासकीय प्राथमिक शाला बाजारपारा लोहरसी में मातृ पितृ दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि कविता योगेश बाबर जिला पंचायत सदस्य जिला धमतरी थी। अध्यक्षता माहेश्वरी गजेंद्र सरपंच ने किया। विशेष अतिथि के रूप में चंद्रहास साहू उप सरपंच व मुकेश नेताम अध्यक्ष ग्राम समिति एवं सांवली राम साहू उपाध्यक्ष ग्राम समिति शामिल हुए। मुख्य अतिथि कविता बाबर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता का स्थान देव तुल्य है क्योंकि वे हमारे प्रथम गुरु है। आज पाश्चात्य संस्कृति के अंधा अनुकरण के कारण हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं, इसलिए आने वाले पीढ़ी को इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में भारत के संस्कार प्रेषित करना आवश्यक है। शाला के सहायक शिक्षक एलबी ज्योतिष कुमार विश्वास ने शाला का एल्बम बनाने की कहानी बताते हुए शाला के इतिहास पर प्रकाश डाला। बताया कि शाला की स्थापना 1918 में पुत्री शाला के नाम से हुआ था। बाद में कन्या शाला कहा गया। वर्तमान में शाला का नाम शासकीय प्राथमिक शाला बाजार पारा लोहरसी हो गया है। विद्यालय में 1918 से लेकर अभी तक के सभी दस्तावेज को सुरक्षित रखा गया है। अंग्रेजी शासन के समय प्रधान पाठक को हेड मास्टर और महिला प्रधान पाठक को हेड पाठिका कहते थे। सभी पंचगण के तरफ से बलराम साहू ने अपना विचार छत्तीसगढ़ी बोली में प्रस्तुत किया। उक्त कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष टीकमचंद साहू, शिक्षाविद हेमू लाल गंगबेर, सक्रिय सदस्य लक्ष्मण सिंह साहू, सदस्य सरिता नेताम, भाऊ लाल गगबैर, राधिका साहू, सरजू राम गंगबेर, हिरमोतिन साहू, राजाराम साहू, फूलेश साहू, रघुराम सिन्हा, पंच गण नंदनी निर्मलकर, सरिता साहू, ज्योति साहू आदि उपस्थित थे।

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