स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी बनने धमतरी नगर निगम द्वारा दिया जा रहा बेहतर स्वच्छता कार्यो को अंजाम
केन्द्रीय टीम के दौरे के कई महीने पूर्व से बेहतर रैकिंग हेतु चलाया जा रहा वृहद स्वच्छता अभियान
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, गीले सूखे कचरे का प्रसंस्करण, प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध, वॉल पेटिंग, नालियों की नियमित सफाई, प्रचार-प्रसार सहित हो रहे कई प्रयास

धमतरी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर प्रदर्शन कर रैकिंग में टाप में आने हेतु धमतरी नगर निगम द्वारा व्यापक कार्य किये जा रहे है। इसके लिये निगम स्वच्छता कार्यो के साथ ही लोगों को जागरुक करने का भी प्रयास कर रही है।
बता दे कि स्वच्छता सर्वेक्षण हेतु केन्द्रीय टीम का कभी भी धमतरी आगमन हो सकता है। उसके पश्चात टीम द्वारा कई स्थानों का निरीक्षण कर पब्लिक फीडबैक लेकर सर्वेक्षण कार्यो को पूरा करेगी उसके आधार पर मिले नंबरो के हिसाब से स्वच्छता सर्वेक्षण में रैकिंग तय होगी। रैकिंग में टाप पर आने के उद्देश्य से धमतरी नगर निगम द्वारा नाली, बड़े नालो की निरंतर सफाई, सड़को को चकाचक करने दीवारों में पेटिंग के माध्यम से जागरुकता लाने, लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए जागरुक करने व डोर टू डोर कचरा कलेक्शन गीला सूखा कचरे के अलग-अलग प्रसंस्करण पर, सार्वजनिक शौचालयों की दशा सुधारने विशेष जोर दिया जा रहा है।
12500 अंको का होगा सर्वेक्षण, इनमें सर्वाधिक 10500 अंक है पब्लिक फीडबैक के
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तय शासन की गाइड लाइन अनुसार इस बार शहरों की रैकिंग 12500 अंकों के आधार पर तय होगी। स्वच्छता सर्वेक्षण में 10500 अंक ऑन-ग्राउंड असेसमेंट यानी नागरिक फीडबैक के लिए निर्धारित है। वहीं 2000 अंक सर्टिफिकेशन के लिए तय किए गये है। इन 2000 में से 1000 अंक ओडीएफ, ओडीएफ प्लस, ओडीएफ डबल प्लस और वाटर प्लस श्रेणी के लिए निर्धारित है जबकि 1000 अंक गार्बेज फ्री सिटी के लिए रखे गए है। स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे अहम लोंगो का फीडबैक रहेगा, अगर शहर के लोगो ने निगम को लोगो ने अच्छा फीडबैक दिया तो स्वच्छता रैकिंग में बड़ी छलांग लगाया जा सकता है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के अन्तर्गत हो रहे है यह कार्य
धमतरी नगर में स्वच्छता को लेकर व्यापक अभियान, कचरा प्रबंधन से लेकर तालाबों की सफाई तक कई कार्य जारी है। शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। प्रतिदिन 98 रिक्शा एवं 24 मिनी टिपरों के माध्यम से 4 कम्पार्टमेंट अलग-अलग से कचरे का संग्रहण किया जा रहा है, जिससे शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। नगर निगम द्वारा सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट कलेक्शन सेंटर में प्राप्त अपशिष्ट का व्यवस्थित संग्रहण किया जा रहा है। साथ ही सेंटर में पेवर ब्लॉक निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है। शहर के पांच प्रमुख जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट) स्थलों को चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण एवं वॉल पेंटिंग का कार्य कराया गया है। शहर में प्रतिदिन प्राप्त होने वाले गीले एवं सूखे कचरे का प्रसंस्करण 10 मटेरियल रिकवरी सेंटर एवं एक कम्पोस्ट शेड में किया जा रहा है। सभी केंद्रों पर आवश्यक सूचना बोर्ड एवं फ्लेक्स लगाए गए हैं तथा नियमित रिकॉर्ड संधारित किया जा रहा है। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए शहर की छोटी नालियों एवं पांच बड़े नालों की सफाई कराई गई है। साथ ही नालियों में जाली लगाने का कार्य भी किया गया है। एफएसटीपी प्लांट की मरम्मत एवं रंग-रोगन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। नगर निगम द्वारा शहर के सभी तालाबों की नियमित सफाई कराई जा रही है तथा तालाबों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए सूचना बोर्ड एवं डस्टबिन लगाए गए हैं। सार्वजनिक एवं आवासीय क्षेत्रों में साफ-सफाई के साथ-साथ शासन द्वारा जारी जनजागरूकता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है। शहर के सात प्रमुख सार्वजनिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में ट्विन बिन स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा स्वच्छता दीदियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में नियमित प्लॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही निगम की स्वच्छता गतिविधियों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में मिला था 71वां रैंक
बता दे कि धमतरी नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन किया जा चुका है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 से 2024 स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत 50 हजार से 1 लाख जनसंख्या वाले केटेगरी में सर्वेक्षण हुआ था, लेकिन इस बार धमतरी की केटेगरी 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाली केटेगरी में स्वच्छ सर्वेक्षण होगा। बता दे कि 2020 में प्रथम रैंक, 2022 में 411 रैेंक, 2023 में 579 रैंक, 2024 में 71वां रैंक हासिल किया गया था। ऐसे में पुन: धमतरी नगर निगम को स्वच्छता में प्रथम बनाने का प्रयास जारी है। ओडीएफ प्लस 2024 में धमतरी को 3 स्टार रेटिंग भी मिला था।
हमारी इन लापरवाही के कारण रैकिंग होती है प्रभावित
शहरवासियों में कई ऐसे लोग है जो स्वच्छता के प्रति जागरुकता नहीं दिखाते पूर्व के सर्वेक्षणों पर नजर डाले तो हमारी लापरवाही के कारण रेकिंग प्रभावित हुए है। स्वयं स्वच्छता के प्रति जागरुकता का परिचय नहीं देते और इसके लिए निगम व शासन, प्रशासन को कोसते है। जबकि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है। जिस प्रकार हम अपने घर को स्वच्छ रखते है उसी प्रकार शहर को भी स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन लोग सहयोग न करते हुए गीला-सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र नहीं करते है। न ही प्लास्टिक मेडिकल वेस्ट या ई कचरा अलग करते है। सभी कचरे को समान समझते है। खुले या नालियों में कचरा डाल देते है। नालियों में पॉलीथीन डालते है। जिससे जाम की समस्या आती है। नालियों में गोबर आदि कचरा बहाते है। जिससे नालियां जाम होती है। कंही भी थूकते है, स्वच्छता में सहयोग नहीं करते है।
महापौर, आयुक्त, स्वास्थ्य सभापति व स्वास्थ्य अधिकारी है स्वच्छता के प्रति गंभीर
महापौर रामू रोहरा व निगम आयुक्त प्रिया गोयल के साथ ही स्वास्थ्य सभापति निलेश लुनिया व निगम स्वास्थ्य अधिकारी शशांक मिश्रा भी स्वच्छता के प्रति काफी गंभीर है। महापौर, आयुक्त व स्वास्थ्य सभापति द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा करते रहते है। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी रोजाना स्वच्छता कार्यो की पड़ताल स्वयं फील्ड में रहकर करते है। जिससे जमीनी स्तर पर कार्य पूर्ण होते है। इसी का परिणाम है कि लगातार बेहतर समन्वय बनाकर निगम स्वास्थ्य अमला द्वारा बेहतर स्वच्छता कार्यो को अंजाम दे रहे है। इससे उम्मीद की जा रही है कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग मिल पायेगी।
