कैट ने ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता के खिलाफ खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

धमतरी। प्रदेश सरकार द्वारा सभी दुकानदारों व व्यापारियों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ कैट धमतरी इकाई ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने सोमवार को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर इस कानून को तत्काल रद्द करने की मांग की है। कैट के जिलाध्यक्ष महेश जसूजा ने बताया कि ज्ञापन में मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया है कि व्यापारी वर्ग पहले से ही जीएसटी की जटिलताओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग और ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रतिस्पर्धा के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दुकानों का किराया, स्टाफ का वेतन और परिवार का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। अब शासन के नए आदेश के तहत ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से छोटे व मझोले व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया, शुल्क और निरीक्षण के डर से कई दुकानदार व्यापार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। इससे न सिर्फ व्यापारी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा जिले में बेरोजगारी भी बढ़ेगी। सरकार एक तरफ व्यापार को बढ़ावा देने की बात करती है, दूसरी तरफ ऐसे कानून लाकर बर्बाद कर रही है। अगर यह नियम लागू हुआ तो छोटे दुकानदारों के बच्चों की पढ़ाई छूट जाएगी। ज्ञापन की कॉपी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ-साथ वित्तमंत्री ओपी चौधरी को भी प्रेषित की गई है। इस अवसर पर रामचंद्र वाधवानी, प्रमोद गुप्ता, दिलीप बजाज, रवि मुंजवानी, गौतम वाधवानी मौजूद थे


