छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक रायपुर में सम्पन्न,विभिन्न विषयो पर हुई चर्चा

छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ की वृहद प्रदेश स्तरीय बैठक शनिवार को एक समीक्षा बैठक होटल आदित्य रायपुर में आयोजित की गई गई। बैठक में प्रदेश के 15 जिलों के संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी ने विगत एक वर्ष में संगठन के द्वारा निजी विद्यालय के विभिन्न समस्याओं के निराकरण एवं उनके हित संवर्धन के लिए किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया की किस तरह निजी विद्यालयों को आरटीई के तहत अध्यनरत विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति की राशि को पहली बार दीपावली के पहले भुगतान कराया गया, जो की पहले दो तीन वर्षों में मिला करती थी।निजी विद्यालयों में भुगतान की जाने वाली आरटीई प्रतिपूर्ति की राशि में वृद्धि हेतु शासन से चल रही बातचीत की प्रगति के बारे में सभी को बताया गया। प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने संगठन विगत कई वर्षों से मांग कर रहा था कि प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाए, जो की पूर्ण हुई और 5 वीं,8 वीं बोर्ड घोषित हो गई। संगठन यह भी मांग करता है कि अब इन बोर्ड परीक्षा में पास फेल करने की पद्धति भी अपनाई जाए।
राठी जी ने बताया कि हमारे संगठन को बने मात्र एक वर्ष होने जा रहा है और इस एक वर्ष में ही हमने अपने विभिन्न मांगो को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव सहित सभी प्रमुखों के साथ सतत संवाद स्थापति कर हमने विद्यालय एवं विद्यार्थियों के हित में अनेक कार्य किए हैं। बैठक में अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के सचिव मनोज पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे, जितेंद्र तिवारी, विशंभर साहू, सह सचिव अक्षय कुमार दुबे,सहसचिव पारखदास मानिकपुरी,कोषाध्यक्ष विनोद कुमार पाण्डेय,तरुण भांडे अध्यक्ष धमतरी, राजेश सोनी अध्यक्ष बालोद,नरबद कश्यप अध्यक्ष मुंगेली उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जांजगीर चांपा जिले के सचिव आलोक शुक्ला ने किया।
बैठक में सभी सदस्यों ने विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं पर चर्चा करते हुए शासन से आधौलिखित मांगे की है जिसके लिए शीघ्र ही प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के साथ बैठक करेगा। संगठन ने शासन से निम्नलिखित मांग रखी है जिसमे.आरटीई के तहत प्रवेश की आरंभिक कक्षा नर्सरी, केजी -1और कक्षा पहली हेतु पूर्व वर्षों के समान होना चाहिए। नर्सरी या केजी 1 कक्षा में प्रवेश उपरांत आगे वर्षों मे किसी भी अन्य कक्षा में प्रवेश नहीं होना चाहिए। वर्तमान एन ई पी के तहत भी प्रारंभिक कक्षा नर्सरी निर्धारित की गई है। कक्षा पहली में सीधे प्रवेश से विद्यार्थी उन विद्यालयों में पूर्व से पढ़ते आ रहे बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे तथा ड्रॉप आउट बढ़ेगा।आरटीई में प्रवेश के नियम के तहत 1 कि.मी. एवं 3 कि.मी. की दूरी में मूल निवासियों को ही पात्रता मिलनी चाहिए। निवास प्रमाण पत्र का एफिडेविट स्वीकार नहीं हो।विगत कई वर्षों से आरटीई
के तहत अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति की राशि में वृद्धि नहीं हो रही है। संगठन मांग करता है कि आरटीई के तहत अध्यनरत विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति की राशि प्राथमिक स्तर तक 15000 रुपये तथा माध्यमिक स्तर पर 20000 रुपये एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर 25000 रुपये होना चाहिए।सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ई-केवाईसी एवं आधार आईडी की व्यवस्था में नवीन प्रावधान किया जाए। बिना आधार के प्रवेश नहीं होना चाहिए इसके कारण ड्रॉप आउट की स्थिति निर्मित होती है।माध्यमिक शिक्षा मण्डल के द्वारा हाई एवं हायर सेक. बोर्ड परीक्षा के शुल्क में वृद्धि प्रति दिवस 1000 रुपये की अनावश्यक वृद्धि को तुरंत निरस्त किया जाए। सत्र 2022 के पूर्व की स्थिति लागू होनी चाहिए। जिसमें 15 दिवस का विलंब शुल्क 1000 रखा गया था।शासकीय विद्यालयों में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में कार्यरत प्रधान पाठकों के द्वारा टी सी पालकों को न देकर सीधे उसी ग्राम या शहर के अन्य शासकीय पूर्व माध्यमिक या हाई स्कूल में सीधे प्रदान कर दी जाती है, जो कि गलत है। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। पालकों को अपनी इच्छानुसर किसी भी विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। बिना टी सी का किसी भी शासकीय या निजी विद्यालय में छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए। आरटीई की प्रतिपूर्ति की राशि सत्र समाप्ति के पूर्व मिलनी चाहिए।विगत वर्ष पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तक वितरण में काफी अनियमितता बरती गई जिसके कारण आज पर्यंत प्रदेश के हजारों बच्चों को आज पर्यंत पुस्तके नहीं मिल पाई उनकी लापरवाही का खामियाजा छत्तीसगढ़ के अबोध बच्चे भुगत रहे हैं जिन्होंने पूरे वर्ष बगैर पुस्तक के ही पढ़ाई की है।इस वर्ष शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व सभी विद्यालयों को संकुल स्तर पर पुस्तके पहुंचाकर प्रदान की जाए।और यदि पाठ्य पुस्तक निगम सक्षम न हो तो बच्चों को खुले बाजार से पुस्तके क्रय करने की व्यवस्था बनाई जाए।उपरोक्त समस्त मांगो को लेकर शीघ्र प्रतिनिधि मंडल माननीय शिक्षा मंत्री से भेंट करेगा।
बैठक में रायपुर,धमतरी, बालोद, बलौदाबाज़ार,सारंगढ़, कोरबा, जांजगीर चांपा, कोरिया,सूरजपुर,कवर्धा,बेमेतरा, मुंगेली, कांकेर,गरियाबंद सहित 15 जिलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

