ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के विरुद्ध धमतरी पुलिस की निर्णायक कार्यवाही: वर्ष 2026 में सर्वाधिक प्रकरण, गिरफ्तारी एवं संपत्ति जब्ती
2023 से आरंभ हुई कार्यवाहियों में 2026 के पूर्व के 3 वर्षों में कुल 6 कार्यवाही, इस वर्ष अकेले 8 प्रकरण दर्ज, 16 आरोपी गिरफ्तार

8 ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट,एप्लीकेशन का खुलासा,30.98 लाख रूपये से अधिक मूल्य की संपत्ति जब्त
धमतरी जिले में ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के विरुद्ध जिला पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में अब तक की गई कार्रवाई पिछले चार वर्षों में सबसे बड़ी एवं प्रभावी कार्यवाही के रूप में सामने आई है। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में संचालित विशेष अभियान के तहत ऑनलाइन सट्टे के संगठित नेटवर्क पर लगातार प्रहार करते हुए पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।
वर्ष 2026 (24 जून 2026 तक) में जिले में ऑनलाइन सट्टे के 08 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए, जिनमें 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्यवाही के दौरान कुल 30,98,800 रूपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें 15 मोबाइल फोन, 3 लग्जरी वाहन,2 स्कूटी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।जांच के दौरान पुलिस द्वारा कुल 08 ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट/एप्लीकेशन का पर्दाफाश किया गया। जिले के रूद्री, सिटी कोतवाली एवं कुरूद थाना क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
*वर्षवार आंकड़े दर्शाते हैं पुलिस की बढ़ती प्रभावशीलता*
धमतरी पुलिस के अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 तक ऑनलाइन सट्टे के विरुद्ध कार्यवाही में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।वर्ष 2023 कमें कुल 1
प्रकरण मे 2 आरोपी गिरफ्तार कुल 65,000 रूपये जप्त,वर्ष 2024 में कुल 2 प्रकरणों में कुल 2 आरोपी गिरफ्तार, कुल 95,995 रूपये जप्त,वर्ष 2025 में कुल 3 प्रकरणों में 3 आरोपी गिरफ्तार,कुल 3,92,000 रूपये जप्त, वर्ष 2026 में 8 प्रकरणों में 16 आरोपी गिरफ्तार कुल 30,98,800 रूपये जप्त
उपरोक्त आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में ऑनलाइन सट्टे के प्रकरणों में आठ गुना, गिरफ्तार आरोपियों में आठ गुना तथा जब्त संपत्ति में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अपराध बढ़ने का नहीं, बल्कि पुलिस की तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही का प्रमाण है।
*एक संकल्प की कहानी*
कुछ वर्षों पूर्व तक ऑनलाइन सट्टा ऐसा अपराध माना जाता था जो मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के पीछे छिपकर संचालित होता था। संचालकों को विश्वास था कि तकनीक की आड़ उन्हें कानून की पहुंच से दूर रखेगी। किन्तु धमतरी पुलिस ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। थाना स्तर पर विकसित मुखबिर तंत्र, आईपीडीआर एवं सीडीआर का तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की फोरेंसिक जांच तथा डिजिटल साक्ष्यों के सूक्ष्म परीक्षण के माध्यम से पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के उस नेटवर्क को उजागर किया जो पहले आमतौर पर पकड़ से बाहर माना जाता था।
आमातालाब रोड से लेकर रेलवे स्टेशन क्षेत्र और पीजी कॉलेज मैदान तक, जिले के विभिन्न स्थानों पर पुलिस की कार्यवाही ने सट्टा संचालकों के नेटवर्क की परतें खोल दीं। प्रत्येक गिरफ्तारी के साथ नई जानकारियां सामने आईं और सट्टे के संगठित तंत्र का खुलासा होता गया।शेष आरोपियों की तलाश जारी मामले में शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमें लगातार कार्यरत हैं।


