साहित्यकारों के सम्मान से समृद्ध होगी धमतरी की सांस्कृतिक पहचान – महापौर रामू रोहरा
कवयित्री श्रीमती कामिनी कौशिक के संपादन में साहित्यिक पत्रिका प्रत्यय का विमोचन, लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में साहित्यकारों का हुआ अभिनंदन

साहित्यकारों के नाम पर मार्ग नामकरण को बताया ऐतिहासिक पहल
धमतरी – जिला हिन्दी साहित्य समिति धमतरी के तत्वावधान में शनिवार को साहित्य भवन में आयोजित विमोचन, लोकार्पण एवं सम्मान समारोह साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का जीवंत संगम बन गया। कार्यक्रम में साहित्यिक पत्रिका प्रत्यय का विमोचन, जिला हिन्दी साहित्य समिति के पूर्व अध्यक्ष चन्द्रशेखर शर्मा, डॉ. सरिता दोशी, राष्ट्रीय तथागत सम्मान प्राप्त साहित्यकार डुमन लाल ध्रुव,नाट्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आकाश गिरी गोस्वामी एवं साहित्यकारों का सम्मान तथा साहित्य और समाज के संबंधों पर सारगर्भित विचार-विमर्श हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि नगर पालिक निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा थे। अध्यक्षता साहित्यकार एवं जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव, विशेष अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा एवं व्यंग्यकार रवि श्रीवास्तव , श्रीमती विभा चंद्राकर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद साहित्यिक पत्रिका प्रत्यय का विमोचन, यशस्वी कवि नारायण लाल परमार, व्यंग्य लेखक त्रिभुवन पांडेय, मरहूम गीतकार मुकीम भारती, सर्वहारा वर्ग के कवि भगवती लाल सेन,संत गुरु घासीदास बाबा, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के नाम से मार्ग का नामकरण का सांकेतिक बोर्ड का लोकार्पण, जिला हिन्दी साहित्य समिति के संरक्षक मदनमोहन खंडेलवाल का सम्मान शाल, श्रीफल, अभिनंदन पत्र, पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती विभा चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज की अमूल्य धरोहर है और नई पीढ़ी को संस्कार एवं दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने साहित्यिक कृति ‘प्रत्यय’ के विमोचन पर संपादक श्रीमती कामिनी कौशिक को बधाई देते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने नगर निगम द्वारा साहित्यकारों के नाम पर मार्गों का नामकरण किए जाने की सराहना करते हुए इसे धमतरी के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपने साहित्यिक पुरोधाओं से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने जिला हिन्दी साहित्य समिति के सभी सदस्यों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा ने नगर निगम एवं महापौर का सम्मान करते हुए कहा कि देश में शायद ही कोई ऐसा नगर निगम होगा जिसने साहित्यकारों के सम्मान में इस प्रकार का ऐतिहासिक निर्णय लिया हो। उन्होंने कहा कि धमतरी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध नगर है। महात्मा गांधी का आगमन इस नगर की ऐतिहासिक पहचान है वहीं छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को आगे बढ़ाने में भी धमतरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि साहित्यकारों के नाम पर मार्गों का नामकरण समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के अनेक साहित्यकारों, लोकभाषा, लोकसंस्कृति और जनजीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य स्वाभिमान, मातृभूमि प्रेम और मानवीय मूल्यों का संवाहक होता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा, लोकगीत, पंथी नृत्य और संत परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन माध्यमों से समाज में ज्ञान और संस्कृति का व्यापक प्रसार हुआ है। उन्होंने नई पीढ़ी से साहित्य पढ़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
व्यंग्यकार रवि श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि सामान्यतः बड़े साहित्यकारों के निधन के बाद किसी नगर की साहित्यिक गतिविधियां धीमी पड़ जाती है लेकिन धमतरी ने इस धारणा को गलत साबित किया है। उन्होंने कहा कि यहां के साहित्य प्रेमियों ने वरिष्ठ साहित्यकारों की विरासत को सहेजते हुए साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाया है। उन्होंने जिला हिन्दी साहित्य समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि धमतरी साहित्य साधना की उर्वर भूमि है और यहां साहित्य के प्रति जो समर्पण दिखाई देता है वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने नगर निगम द्वारा साहित्यकारों के नाम पर मार्गों का नामकरण किए जाने को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल पूरे देश में विरल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में धमतरी साहित्यिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के लिए भी जाना जाएगा। अपने व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने समाज की विभिन्न विसंगतियों पर कटाक्ष करते हुए मानवीय संवेदनाओं, मातृत्व और सामाजिक मूल्यों पर आधारित रचनाओं का पाठ कर उपस्थित श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।
मुख्य अतिथि महापौर रामू रोहरा ने सम्मान के लिए समिति के अध्यक्ष श्री डुमन लाल ध्रुव एवं जिला हिन्दी साहित्य समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को इस सम्मान का पात्र बनना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा नगर निगम को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ नगर निगम कहे जाने से उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई है और यह सम्मान पूरे धमतरी नगर की जनता का सम्मान है। महापौर श्री रोहरा ने कहा कि नगर निगम की सामान्य सभा में साहित्यकारों के नाम पर मार्गों का नामकरण सर्वसम्मति से पारित कराया गया। प्रारंभ में कुछ लोगों ने इसका मजाक भी उड़ाया, लेकिन उन्होंने इस निर्णय को समाज और संस्कृति के हित में आवश्यक माना। उन्होंने कहा कि साहित्यकार समाज की चेतना के वाहक होते हैं और उनके योगदान को सम्मानित करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि नगर के समग्र विकास के लिए वे निरंतर कार्य कर रहे हैं। ऑडिटोरियम, सड़कों, खेल मैदानों तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं पर कार्य चल रहा है। नगर के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विकास कार्यों के साथ-साथ धमतरी की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि साहित्यकारों के सम्मान और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए नगर निगम हरसंभव सहयोग करता रहेगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए साहित्यकार एवं जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष श्री डुमन लाल ध्रुव ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है और इसे सहेजने हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धमतरी की साहित्यिक परंपरा समृद्ध रही है तथा नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए । उन्होंने साहित्यकारों के नाम पर मार्गों के नामकरण की पहल को ऐतिहासिक बताते हुए नगर निगम और महापौर का प्रभार व्यक्त किया तथा साहित्य सृजन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान साहित्यकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों एवं साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। साहित्य सृजन का माध्यम समाज को जोड़ने, संस्कार देने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने की सशक्त शक्ति है। कार्यक्रम का प्रभावपूर्ण संचालन कवयित्री श्रीमती कामिनी कौशिक, प्रति आभार प्रदर्शन दीपचंद भारती ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रुप से डॉक्टर चंद्रशेखर चौबे, डीएनए के संचालक एवं समाज सेवी ऋतुराज पवार, डॉ. भूपेन्द्र सोनी,आकाश गिरी गोस्वामी, दीप शर्मा, शैलेन्द्र चेलक,डॉ. रचना मिश्रा, श्रीमती रेखा परमार, निमिष परमार, श्रीमती गीतांजलि साहू, माधुरी मार्कण्डेय, श्रीमती वीणा सेन,श्रीमती प्रतिमा दीवान, श्रीमती शीला ठाकुर, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद शाह, मोहम्मद तारिक, विनोद रणसिंग, राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा, कुलदीप सिन्हा, रंजीत छाबड़ा, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव, भूपेन्द्र मानिकपुरी, प्रेमशंकर चौबे,संकेत साहू,चंपेश्वर साहू, सुषमा नंदा, रामकुमार विश्वकर्मा,एकता सिंह,मुनीजा हुसैनी,दीपक विनोद जैन, रंजना साहू, श्रद्धा कश्यप, काजल सिन्हा,खोमन साहू,साधना साहू,गजानंद साहू मुख्य रुप से उपस्थित थे।