प्रार्थना सभा में धर्म स्वातंत्र्य कानून का पालन हो सुनिश्चित, सर्व हिन्दू समाज व हिन्दू जागरण मंच ने प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग
धारा 3, 4, 9 एवं 19 के प्रावधानों की जांच हो; बिना निर्धारित प्रक्रिया के धर्म परिवर्तन अथवा उसकी गतिविधि पाए जाने पर हो वैधानिक कार्रवाई

सर्व हिन्दू समाज धमतरी एवं हिन्दू जागरण मंच ने धमतरी जिले में संचालित प्रार्थना सभाओं में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के पालन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संगठनों का कहना है कि उन्हें ऐसी शिकायतें एवं सूचनाएं प्राप्त हुई हैं कि कुछ प्रार्थना सभाओं में ऐसे व्यक्ति भी नियमित रूप से शामिल हो रहे हैं, जिनकी धार्मिक पृष्ठभूमि अलग है। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की वैध धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना उद्देश्य नहीं है, लेकिन यदि किसी प्रार्थना सभा के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा हो, उसका प्रयास हो अथवा अधिनियम में प्रतिबंधित साधनों का प्रयोग किया जा रहा हो, तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
संगठनों ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 की धारा 3 अवैध धर्म परिवर्तन पर रोक से संबंधित है। वहीं धारा 4 के अंतर्गत धर्म परिवर्तन के इच्छुक व्यक्ति तथा धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया कराने वाले धार्मिक व्यक्ति के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष निर्धारित घोषणा की प्रक्रिया रखी गई है। धारा 4 की उपधारा (5) के अनुसार उपधारा (1), (2) अथवा (3) का उल्लंघन होने पर प्रस्तावित धर्म परिवर्तन अवैध एवं शून्य होने का प्रावधान है।
इसी प्रकार धारा 9 धर्म परिवर्तन के बाद की प्रक्रिया से संबंधित है, जिसमें निर्धारित अवधि में घोषणा एवं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष सत्यापन की व्यवस्था है।सर्व हिन्दू समाज एवं हिन्दू जागरण मंच ने प्रशासन से मांग की है कि धमतरी शहर एवं आसपास की ऐसी प्रार्थना सभाओं के संबंध में यह तथ्यात्मक रूप से जांचा जाए कि- वहां केवल धार्मिक उपासना हो रही है अथवा धर्म परिवर्तन से संबंधित कोई गतिविधि भी संचालित हो रही है,किसी व्यक्ति पर बल, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधन, अनुचित प्रभाव या अन्य प्रतिबंधित माध्यम का प्रयोग तो नहीं किया जा रहा, यदि किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन हुआ है अथवा प्रस्तावित है तो धारा 4 के अंतर्गत निर्धारित घोषणा एवं प्रक्रिया का पालन हुआ है अथवा नहींधर्म परिवर्तन कराने वाले व्यक्ति अथवा धार्मिक आयोजक द्वारा अधिनियम के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया है अथवा नहीं,उपलब्ध वीडियो, ऑडियो, प्रचार सामग्री, सोशल मीडिया सामग्री, दस्तावेज एवं संबंधित व्यक्तियों के बयान की आवश्यकता अनुसार जांच की जाए।
संगठनों ने कहा कि केवल किसी प्रार्थना सभा में किसी व्यक्ति की उपस्थिति को स्वतः धर्म परिवर्तन मानना उचित नहीं होगा, लेकिन यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने अधिनियम में वर्णित अर्थ में धर्म परिवर्तन किया है या किसी अन्य व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के लिए प्रतिबंधित साधनों अथवा निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन का सहारा लिया गया है, तो संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जानी चाहिए। अधिनियम में धर्म परिवर्तन की परिभाषाएं भी निर्धारित की गई हैं।संगठनों ने धारा 19 के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन तथा अधिनियम की अन्य लागू धाराओं के संबंध में भी प्रशासन से आवश्यक जांच की मांग की है। अधिनियम में अपराधों की संज्ञेय एवं गैर-जमानतीय प्रकृति से संबंधित धारा 21 तथा जांच से संबंधित प्रावधान भी हैं।
धर्म की स्वतंत्रता का सम्मान, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं
सर्व हिन्दू समाज एवं हिन्दू जागरण मंच ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय अथवा व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित कराना है। यदि किसी व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा-उपासना करने का अधिकार है, तो उसी प्रकार धर्म परिवर्तन से संबंधित राज्य के कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना भी आवश्यक है।
संगठनों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से अपील की है कि शिकायतों को पूर्वाग्रह के बिना तथ्यों के आधार पर जांचा जाए और यदि किसी मामले में अधिनियम का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए।

