गरबा की थाप पर थिरकेगा धमतरी, 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर चलेगा नि शुल्क ट्रेनिंग
छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध गरबा ट्रेनर रुचि आहिर देंगी प्रशिक्षण - पं राजेश शर्मा
11 से 19 अक्टूबर तक होगा आराध्य गरबा 2026 का आयोजन, रजिस्ट्रेशन कर पास लेने महालक्ष्मी बिजनेस पार्क में पहुंच रहे बड़ी संख्या में गरबा प्रेमी

धमतरी। नवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले आराध्य गरबा 2026 के लिए प्रतिभागियों को विशेष गरबा प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 से 9 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 से रात 10 बजे तक आयोजित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध गरबा ट्रेनर रुचि आहिर प्रतिभागियों को गरबा के विभिन्न स्टेप्स और प्रस्तुति की बारीकियां सिखाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को गरबा की ताल, लय, स्टेप्स, सामूहिक प्रस्तुति और मंच पर प्रस्तुति देने के तरीके का अभ्यास कराया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को नौ दिवसीय गरबा महोत्सव के लिए तैयार करना है, ताकि वे निर्धारित थीम के अनुरूप आकर्षक प्रस्तुति दे सकें। गौरतलब है कि आराध्य गरबा 2026 का आयोजन 11 से 19 अक्टूबर तक हरदिहा साहू समाज भवन, रत्नाबांधा रोड में प्रतिदिन शाम 8 बजे से किया जाएगा। आयोजन की विशेषता यह है कि नवरात्रि की प्रत्येक रात अलग थीम और रंग के साथ गरबा का आयोजन होगा। पहले दिन बॉलीवुड रेट्रो, दूसरे दिन अलबेलो गुजराती, तीसरे दिन हमर धरोहर-हमर संस्कृति, चौथे दिन श्रीराम के दीवाने, पांचवें दिन रॉयल नाइट राजवाड़ा, छठवें दिन महाकाल के भक्त, सातवें दिन कृष्ण लीला, आठवें दिन रंगीलो गुजराती और अंतिम दिन भारत दर्शन थीम रखी गई है। आयोजन में गरबा के साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी संस्कृति, गुजराती परंपरा, धार्मिक कथाओं और राष्ट्रभावना से जुड़ी थीम को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
यह आयोजन हमारे शहर एवं गरबा प्रेमियों के लिए है सांस्कृतिक उत्सव – पं. राजेश शर्मा
आराध्य गरबा 2026 आयोजक भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य पं. राजेश शर्मा ने कहा कि गरबा केवल नृत्य और मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता को जोडऩे वाला उत्सव है। नवरात्रि के दौरान गरबा के माध्यम से मां भगवती की आराधना के साथ युवा पीढ़ी को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ह्यआराध्या गरबाö का उद्देश्य केवल एक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि धमतरी में ऐसा सांस्कृतिक मंच तैयार करना है, जहां हर वर्ग और आयु के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हो सकें। आयोजन में प्रत्येक दिन अलग थीम रखने के पीछे भी यही सोच है कि प्रतिभागियों और दर्शकों को हर रात भारतीय संस्कृति के अलग-अलग रंगों को करीब से देखने और महसूस करने का अवसर मिले। पं. शर्मा ने बताया कि इस बार आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। 7 से 9 अक्टूबर तक गरबा प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध गरबा ट्रेनर रुचि आहिर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को गरबा के सही स्टेप्स, ताल, लय और सामूहिक प्रस्तुति का अभ्यास मिलेगा। इससे मंच पर प्रस्तुतियों में अनुशासन, तालमेल और आकर्षण देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमर धरोहर, हमर संस्कृति जैसी थीम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने का प्रयास किया गया है। गरबा इसी सकारात्मक ऊर्जा को सामूहिक उत्सव में बदलने का माध्यम है।

