धर्मांतरण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर जिले में हो कार्यशाला, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मिले विशेष प्रशिक्षण: हिंदू जागरण मंच
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा से प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण मुलाकात; अधिनियम की जानकारी प्रत्येक संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तक पहुंचाने की रखी मांग

धमतरी। धमतरी जिले में धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों एवं कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हिंदू जागरण मंच के प्रांत एवं जिला पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि धर्मांतरण से संबंधित अधिनियम का पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रशासन एवं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी हो, ताकि कानून के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की भ्रम या कमी की स्थिति न रहे। इस अवसर पर प्रांत युवा प्रमुख एवं कार्यकारिणी सदस्य दीपक सिंह ठाकुर, जिला संयोजक पुरुषोत्तम निषाद, सहसंयोजक चित्रेश साहू, डाकेश्वर साहू, प्रतीक सोनी, सनत साहू, जिला युवा आयाम सत्यम सिन्हा, नगर संयोजक अभिषेक साहू सहित हिंदू जागरण मंच के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अलग एसओपी की आवश्यकता नहीं, अधिनियम स्वयं लागू है
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस विषय में अलग से किसी एसओपी को जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि संबंधित अधिनियम स्वयं प्रभावी है और उसका पालन पूरे राज्य में आवश्यक है। इस पर हिंदू जागरण मंच के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि अधिनियम स्वयं प्रभावी है, तो उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून की जानकारी होना भी आवश्यक है।
हर जिलाधीश के स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले के जिलाधीश को निर्देशित किया जाए कि धर्मांतरण से संबंधित अधिनियम पर जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक स्तर पर भी आवश्यक निर्देश जारी किए जाने की मांग की। साथ ही अवैध गतिविधियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि केवल अधिकारियों एवं पुलिस तक कानून की जानकारी सीमित न रहे, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी कानून एवं उनके अधिकारों तथा दायित्वों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए।