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धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2026 को कागजों तक सीमित न रखे , उल्लंघन पर हो तत्काल वैधानिक कार्रवाई : हिन्दू जागरण मंच

धमतरी। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हिन्दू जागरण मंच जिला धमतरी ने जिला प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया और प्रावधानों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके पालन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। मंच का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन इसी स्वतंत्रता की आड़ में यदि कानून द्वारा निषिद्ध तरीके से किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन का प्रयास किया जाता है, तो ऐसे मामलों में प्रशासन को शिकायत प्राप्त होने पर तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
हिन्दू जागरण मंच ने विशेष रूप से कहा कि अधिनियम की धारा 4 एवं धारा 9 से संबंधित प्रावधानों का जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार होना आवश्यक है, ताकि आम नागरिक, धार्मिक संस्थाएं तथा संबंधित सभी पक्ष कानून में निर्धारित अधिकारों, प्रतिबंधों और प्रक्रिया से परिचित हो सकें। यदि किसी मामले में इन प्रावधानों के उल्लंघन की शिकायत सामने आती है, तो उसे राजनीतिक अथवा सामाजिक दबाव के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से जांचा जाना चाहिए तथा उल्लंघन प्रमाणित होने पर अधिनियम की धारा 19 सहित लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मंच ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत प्राप्त करने तक सीमित नहीं हो सकती। जिले में धार्मिक गतिविधियों एवं धर्म परिवर्तन से संबंधित शिकायतों के लिए स्पष्ट प्रक्रिया, जिम्मेदार अधिकारी और जनसामान्य के लिए जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों, नगर के वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर शासन की ओर से कानून संबंधी जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार क्या है तथा धर्म परिवर्तन के संबंध में कानून द्वारा कौन-सी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इससे अफवाहों और आपसी अविश्वास को रोकने के साथ-साथ वास्तविक शिकायतों को उचित कानूनी माध्यम से सामने लाने में भी सहायता मिलेगी।
हिन्दू जागरण मंच जिला धमतरी ने स्पष्ट किया कि संगठन किसी धर्म अथवा समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि कानून के समान और निष्पक्ष क्रियान्वयन तथा समाज में जागरूकता के पक्ष में है। मंच का कहना है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में अधिनियम के उल्लंघन के तथ्य प्रमाणित होते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई भी अनिवार्य होनी चाहिए। प्रशासन की निष्पक्षता और कानून का समान रूप से पालन ही सामाजिक सद्भाव एवं नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा का आधार है।

हिन्दू जागरण मंच ने जिला प्रशासन से अपेक्षा की है कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 के प्रावधानों को लेकर जिले में व्यापक कानूनी एवं सामाजिक जनजागरण अभियान चलाया जाए और धारा 4 एवं 9 के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंच ने चेतावनी दी कि यदि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांगों की लगातार उपेक्षा की गई, तो हिन्दू जागरण मंच संविधान एवं कानून के दायरे में रहते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जनआंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज को आगे बढ़ाएगा।

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