स्वास्थ्य कर्मचारियों की नाराजगी छत्तीसगढ़ कांग्रेस को सत्ता गंवाकर भुगतना पड़ा

मूलचंद सिन्हा
कुरुद। छग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संरक्षक ओपी शर्मा व प्रदेश अध्यक्ष आलोक मिश्रा ने बताया की पूरे 5 वर्षों तक घोषणा पत्र में किये वादे पूरे करने की गुहार लगाया आवेदन, निवेदन, भेंट मुलाकात, अधिवेशन और सम्मेलन कर वादे याद दिलाने के बाद अन्य तरीकों से सरकार तक अपनी बात रखी, लेकिन भूपेश बघेल की सरकार द्वारा आंदोलन में समझौता कराके हड़ताली कर्मचरियों का 5 दिन का वेतन काट दिया गया, साथ ही संविदा कर्मचारी भी नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे पर उनको भी नियमित नही किया और 27 प्रतिशत जो बढ़ाया गया वो स्वास्थ्य कर्मचारियों को आज तक नही मिला है जिसका पूरे प्रदेश में इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के समस्त कर्मचरी अधिकारी नाराज ही है क्योंकि किये गए वादे पूरे नही किये गये। ब्लाक अध्यक्ष कुरूद डॉ क्षितिज साहू ने बताया कि विगत पांच वर्ष तक महंगाई भत्ता के लिए तरसाया गया और आज तक महंगाई भत्ते का एरियर्स राशि का भुगतान नही किया गया, चुनाव से एक दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचरियों का 24 घंटे का ड्यूटी लगाकर कर्मचरियों के मौलिक अधिकार वोट डालने से वंचित करने की साजिश की गयी जिससे कर्मचरियों के परिवार वालो मे बहुत आक्रोश रहा, जिसकी शिकायत संघ द्वारा चुनाव आयोग को भी किया था, जिसकी परिणति छत्तीसगढ़ कांग्रेस को सत्ता गंवाकर भुगतना पड़ा।