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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बासी खाकर श्रमिक दिवस मनाया

बोरे बासी सिर्फ खाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा एक भावनात्मक प्रतीक है-ओंकार साहू

बोरे बासी छत्तीसगढ़ी सम्मान और पारम्परिक भोजन की पहचान है-शरद लोहाना

राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बोरे बासी खाकर श्रमिक दिवस मनाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमिकों के सम्मान में छग के पारंपरिक भोजन बोरे बासी खाने की परंपरा श्रमिक दिवस के अवसर पर अपने कार्यकाल में शुरू किया था। उसी बरकरार रखते हुए कांग्रेसियों ने श्रमिक दिवस पर बटकी में बासी और चूटकी भर नून व चटनी के साथ बोरे बासी खाया। जिलाध्यक्ष शरद लोहाना ने बताया कि बोरे-बासी, छत्तीसगढ़ का एक पारंपरिक भोजन है, जिसमें रात के बचे चावल को पानी में भिगोकर रखा जाता है और सुबह उसे चटनी, अचार या प्याज के साथ खाया जाता है। यह भोजन खास तौर पर मजदूरों और किसानों के बीच लोकप्रिय है, क्योंकि यह पौष्टिक, सस्ता और गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाला होता है। विधायक ओंकार साहू ने इसे मेहनतकश वर्ग की मेहनत और जीवनशैली का प्रतीक बताते हुए बोरे-बासी दिवस के रूप में स्थापित करना बताया साथ हीं आगे कहा कि यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा एक भावनात्मक प्रतीक है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरद लोहाना, विधायक ओंकार साहू, पूर्व विधायक हर्षद मेहता, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन लालवानी, प्रदेश संयुक्त महामंत्री पंकज महावर, वरिष्ठ नेता मदन मोहन खंडेलवाल, अरविन्द दोषी, जिला कोषाध्यक्ष सलीम रोकडिया, जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर, ब्लॉक अध्यक्ष आकाश गोलछा, योगेश शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सूर्यप्रभा चेटियार, सेवादल जिला अध्यक्ष होरीलाल साहू, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन, नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, पूर्व पार्षद राजेश ठाकुर, रामनाथ यादव, आशुतोष खरे, अंबर चंद्राकर, सूरज पासवान, भागी ध्रुव, अविनाश मरोठे, तोगू गुरपंच, देवेन्द्र देवांगन, धर्मेंद्र पटेल, तेजप्रकाश साहू, अजय डहरिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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