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धासूराम को बरसात में अब नहीं होती परेशानी, बना खुद का पक्का मकान

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को मिल रहा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लाभ


जिले मेें स्वीकृत 1 हजार 285 में से 496 आवास पूर्ण, शेष आवास निर्माणाधीन
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाली जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति कमार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुचने लगा है। जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति कमार सुदुर वनांचलों की छोटी-छोटी बसाहटों में झोपड़ी या कच्चे मकान बनाकर अपना जीवन यापन करते आयें है। पक्के मकान में रहना मानों उनके लिए एक सपने जैसा था, लेकिन अब समय बदलने लगा है, झोपड़ी और कच्चे मकानों में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति कमार भी अब अपने पक्के मकान का सपना देखने लगे है और इन सपनों को पूरा करने का काम कर रही है, शासन की महत्वपूर्ण योजना प्रधनमंत्री जनमन आवास योजना।
जिले के मगरलोड विकासखण्ड के विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य ग्राम पंचायत पाहंदा निवासी श्री धासूराम कमार की जो वर्षों से अपने परिवार के साथ मिट्टी के कच्चे मकान में रहते है। कम शिक्षित होने के कारण रोजी मजदूरी कर जीवन यापन करते है। इनके लिये खुद का पक्का मकान बनाना लगभग असंभव था। ग्राम पंचायत में उन्हें प्रधानमंत्री जनमन आवास की जानकारी मिली। उन्होंने अपने मकान के लिए आवेदन दिया, विभागीय अधिकारियों ने कार्यवाही करते हुए उसके आवास स्वीकृत कर उसके सपनों को पूरा करने में मदद की। श्री धासूराम ने जल्द से जल्द शासन द्वारा दिये पैसों का उपयोग कर आवास निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। धासूराम ने बताया कि वे पहले कच्चा मकान में रहते थें, मिट्टी का घर होने के कारण बरसात के दिनों में पानी का टपकना, जमीन में नमी आ जाना व दीवारो में सीलन व कई अन्य प्रकार के जीव-जन्तुओं का सामना करना पड़ता था। आवास मिलने से अब मै चिंता मुक्त हो गया हूं जिससे मेरे जीवन में खुशहाली आयी है। अब मै और मेरा परिवार चैन की नींद सो रहे है। इनके लिये वे और उनका परिवार देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को ह्दय से धन्यवाद दे रहे है।
बता दें कि जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजनांतर्गत कुल 1 हजार 285 आवास स्वीकृत है, जिनमें से 789 आवासों को पूर्ण कर लिया गया है, शेष 496 आवास निर्माणधीन है, जो शीघ्र पूर्ण हो जायेंगे। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तह्त हितग्राहियों को 2 लाख रूपये की सहायता राशि 4 किश्तों में प्रदान की जाती है, पहली किश्त 40 हजार, दूसरी किश्त 60 हजार, तीसरी किश्त 80 हजार और चैथी किश्त 20 हजार है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् हितग्राही को 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की जाती है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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