Uncategorized

भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध एनएसयूआई का आंदोलन

एनएसयूआई का 18 दिन चलेगा शिक्षा बचाओ अभियान

धमतरी-राजीव भवन में धमतरी एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध विरोध जताया यदु ने बताया कि 10000 स्कूलों का युक्तिकरण शिक्षा के अधिकार पर हमला सरकार ने युक्तिकरण के नाम पर 10000 स्कूल बंद करने की नीति अपनाई है ये वही सरकार है जो मोदी गारंटी में 57000 शिक्षकों की भर्ती की बात कर रही थी जब शिक्षकों की भर्ती की बात थी तो वादे किए गए, लेकिन अब स्कूलों को ही खत्म किया जा रहा है यह कदम ग्रामीण, गरीब, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है सवाल यह उठता है कि जब स्कूल ही नहीं रहेंगे तो 57000 शिक्षक कहाँ और क्यों भर्ती किए जाएंगे?राजा देवांगन ने आगे कहा कि 57000 पदों पर भर्ती की मांग मोदी गारंटी को निभाने की चुनौती एनएसयूआई की स्पष्ट मांग है कि सरकार 57000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा को केवल चुनावी जुमला न बनाए। भर्ती प्रक्रिया 2008 के सेटअप के अनुसार पारदर्शी ढंग से और बिना किसी छेड़छाड़ के की जाए। अगर सरकार में इच्छाशक्ति है तो वह इस भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करे।
अगर भाजपा सरकार अपने वादों पर खरा नहीं उतरती, तो यह युवाओं के साथ धोखा और विश्वासघात होगा।
यदु ने कहा सीटेट परीक्षा का परिणाम अब तक लंबित: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
राज्य सरकार द्वारा आयोजित सीजी टे ट परीक्षा को 1 वर्ष से अधिक समय हो चुका है।
आज तक परिणाम जारी नहीं किया गया, जिससे हजारों युवा मानसिक और आर्थिक तनाव में हैं।एनएसयूआई मांग करती है कि सरकार तत्काल परिणाम जारी करे परिणाम प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए देरी के कारणों की लोकसभा में रिपोर्ट पेश की जाए
जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि सरकारी स्कूल और आत्मानंद विद्यालयों को बिजली विभाग का नोटिस असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा बिजली विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को बिजली बिल चुकाने के लिए नोटिस जारी किया गया है दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि सरकार इन स्कूलों को आवश्यक फंड भी उपलब्ध नहीं करा रही है।क्या बच्चे गर्मी में बिना बिजली के, पंखे और लाइट के बिना पढ़ाई करेंगे?
यह स्पष्ट है कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा नहीं, केवल आंकड़ेबाजी और दिखावा है।
राजा देवांगन ने आगे कहा कि युक्तिकरण के नाम पर स्कूल बंद करना आरटीई कानून का उल्लंघन सरकार द्वारा युक्तिकरण के बहाने जो 10000 से अधिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि कानूनी और संवैधानिक उल्लंघन भी है।भारतीय संविधान की धारा 21- ऐ और ‘मुफ्त और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत हर बच्चे को 6 से 14 वर्ष की आयु तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना राज्य का दायित्व है आरटीई अधिनियम की धारा 3, 4 और 6 यह स्पष्ट रूप से कहती हैं कि प्रत्येक बच्चे को उसके निकटतम प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश और शिक्षा का अधिकार है।ऐसे में स्कूलों को बंद करना न सिर्फ गरीब और ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित करना है, बल्कि आरटीई अधिनियम की मूल भावना का उल्लंघन भी है।
विवेक यदु ने विरोध करके कहा कि क्या स्कूल बंद कर देना संविधान की भावना के विरुद्ध नहीं है?क्या यह बच्चों के मौलिक अधिकारों को कुचलना नहीं है? 18 जून को वृहद कलेक्ट्रेट घेराव होगा इसमें हजारो युवा सहित देश व प्रदेश के तमाम नेता शिरकत करेंगे.इस दौरान नमन बंजारे ,जय श्रीवास्तव ,सुदीप सिन्हा ,धर्मेंद्र पटेल ,तामेश्वर भोयर सहित एनएसयुआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!