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अब तक अवैध धान भंडारण के 140 प्रकरण दर्ज,7558.9 क्विंटल धान व 3 वाहन जप्त

अवैध धान परिवहन, भंडारण व फर्जी बिक्री पर सख्त कार्यवाही,कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर उड़नदस्ता दल सक्रिय

धमतरी-कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं फर्जी बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। जिले में गठित तहसील एवं जिला स्तरीय उड़नदस्ता दलों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि अब तक अवैध धान भंडारण के 140 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। मंडी अधिनियम 1972 के तहत कार्यवाही करते हुए कुल 7558.9 क्विंटल धान एवं 03 वाहन जप्त किए गए हैं। वहीं, जिले में संचालित राइस मिलों में छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 के उल्लंघन के मामलों में 22,856.8 क्विंटल धान जप्त कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
इसी क्रम में उड़नदस्ता दल द्वारा बीते दिन उपार्जन केन्द्र सियारीनाला में ऋण पुस्तिका, टोकन, बोए गए धान, तौल पत्रक, धान की मात्रा, किस वाहन में धान लाए, उसका गेटपास आदि के परीक्षण के दौरान निराबाई पति पीलूराम, निवासी बीजापुर के प्रकरण में अनियमितता पाई गई। निराबाई के नाम जारी 70.40 क्विंटल के टोकन में उनके परिचित के व्यक्ति द्वारा 36 क्विंटल धान की बिक्री की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि निराबाई के नाती द्वारा अपने जीजा का धान उनके पट्टे में बेचा जा रहा था। उक्त धान को जप्त कर उपार्जन केंद्र के ऑपरेटर को सुपुर्द किया गया।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं बिक्री पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य अंतिम पंद्रह दिनों में है, ऐसे में कुछ अवसरवादी तत्व भोले-भाले किसानों की मजबूरी का लाभ उठाकर शासकीय राशि में सेंध लगाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है।
शासन की महत्वाकांक्षी धान उपार्जन योजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्रत्येक किसान को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों का भ्रमण कर रहे हैं। उपार्जन केंद्र सियारीनाला में अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी एवं डिप्टी कलेक्टर ) मनोज मरकाम की टीम द्वारा किसानों की ऋण पुस्तिका, टोकन, बोये गए धान, तौल पत्रक, धान की मात्रा, परिवहन वाहन एवं गेटपास आदि का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को समझाइश दी कि वे अपनी मेहनत की कमाई से किसी भी अन्य व्यक्ति या कोचियों को अनुचित लाभ न लेने दें तथा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने में सहयोग करें। साथ ही उपस्थित किसानों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही अपर कलेक्टर द्वारा किया गया। निरीक्षण के समय राजस्व, खाद्य, सहकारिता विभाग के अधिकारी, प्राधिकृत अधिकारी, पटवारी, सरपंच एवं धान बेचने वाले किसान उपस्थित रहे।

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