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नॉन-एल्कोहलिक पेय पदार्थों पर विशेष जांच अभियान, मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

धमतरी- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा राष्ट्रीय सर्विलेंस प्लान के अंतर्गत गैर मादक पेय पदार्थों—विशेष रूप से जल आधारित, सुगंधित, कार्बोनेटेड एवं गैर-कार्बोनेटेड पेयों—की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु देशव्यापी विशेष निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है।उक्त निर्देशों के पालन में धमतरी जिला के समस्त विकासखंडों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर, एडिबल आइस, कैंडी, फल एवं सब्जी आधारित जूस (फ्रूट ड्रिंक, शरबत, स्क्वैश, गन्ना जूस, मैंगो जूस आदि) की सघन जांच की जा रही है। जांच के दौरान गुणवत्ता, स्वच्छता, लेबलिंग, निर्माण तिथि, बैच नंबर एवं “बेस्ट बिफोर” जैसी अनिवार्य जानकारियों का विशेष परीक्षण किया जा रहा है।अभियान के तहत “ओसेनो” ब्रांड के पानी पाउच बिना बैच नंबर, निर्माण तिथि एवं “बेस्ट बिफोर” अंकित पाए जाने पर जब्त किए गए तथा उनके विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, धमतरी बस स्टैंड क्षेत्र में संचालित “पवित्र जल” पानी पाउच निर्माण इकाई बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के संचालित पाई गई, जिसे सील कर दिया गया है। जिले में संचालित सभी आइस फैक्ट्री एवं पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर इकाइयों को नोटिस जारी कर निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पादन एवं विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।नमूना जांच के तहत सिंहावा मिनरल्स से पानी पाउच एवं भोजवानी आइस फैक्ट्री से आइस वाटर के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। इसी कड़ी में शांति कॉलोनी चौक स्थित गोलू फल भंडार से मैंगो जूस का नमूना संकलित किया गया, जहां मौके पर जूस के रंग को आकर्षक बनाने के लिए अखाद्य “गाय छाप” रंग मिलाए जाने की पुष्टि हुई। संबंधित नमूने को परीक्षण हेतु भेजते हुए नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्यवाही की जा रही है.खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, धमतरी द्वारा सभी फल जूस विक्रेताओं एवं गैर-एल्कोहलिक पेय पदार्थ निर्माताओं/विक्रेताओं से अपील की गई है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। जूस में किसी भी प्रकार के अखाद्य रंग अथवा कृत्रिम मिठास के लिए शुगर सीरप का अनधिकृत उपयोग न करें। उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे पैक्ड पेय पदार्थ खरीदते समय लेबलिंग, निर्माण तिथि एवं गुणवत्ता की जांच अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट या अनियमितता की सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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