Uncategorized

खरीफ 2026 : सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण के लिए राज्य शासन ने जारी किए दिशा-निर्देश

कृषकों को समय पर एवं समानुपातिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की पहल

संतुलित उर्वरक उपयोग, लागत में कमी और भूमि उर्वरा संरक्षण पर विशेष जोर

धमतरी। राज्य शासन द्वारा आगामी खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित सतत कृषि विकास एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद, हरी खाद एवं नीलहरित काई जैसे वैकल्पिक उपायों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए राज्य शासन ने सभी कृषकों को समय पर और समानुपातिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु विशेष रणनीति तैयार की है। शासन का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना, कृषि लागत को कम करना तथा उर्वरकों के दुरुपयोग को रोकना है। जारी निर्देशों के अनुसार खरीफ 2025 में कृषकों को वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत मात्रा तथा डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा ही खरीफ 2026 में प्रारंभिक रूप से वितरित की जाएगी। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया उपलब्ध होने पर दी जाएगी, अन्यथा नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जाएगी। इसी प्रकार डीएपी की शेष मात्रा उपलब्धता के आधार पर प्रदान की जाएगी।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!