मुंबई से मायके धमतरी पहुंची आकांक्षा इंदुरख्या ने भीषण गर्मी में राहगीरों को पिलाया शीतल मठा
पुरुषोत्तम मास में सेवा, संस्कार और संवेदनाओं का अनुपम उदाहरण

पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर तपती गर्मी और लगभग 44 डिग्री तापमान के बीच राहगीरों को शीतलता एवं राहत प्रदान करने हेतु शीतल, स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक मठा सेवा का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी में यह सेवा कार्य लोगों के लिए राहत, अपनत्व और संवेदनशीलता का सुंदर अनुभव बन गया।
इस सेवा आयोजन की विशेष बात यह रही कि, समाजसेवी श्रीमती प्रभा रावत की सुपुत्री श्रीमती आकांक्षा इंदुरख्या मुंबई से मायके धमतरी आई हुई हैं। पुरुषोत्तम मास के पुण्य अवसर पर उन्होंने अपने मायके में सेवा देने की भावना व्यक्त की, जिसके अंतर्गत समाजसेवी श्रीमती सविता जायसवाल एवं नरेंद्र जायसवाल के संयुक्त तत्वावधान में राहगीरों को शीतल मठा पिलाया गया।
तपती धूप में राहगीरों ने जब प्रेम और आत्मीयता से दिया जा रहा मठा ग्रहण किया, तो उनके चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता साफ दिखाई दी। अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मानवता, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।
विशेष रूप से नरेंद्र जायसवाल ने स्वयं आगे बढ़कर ई-रिक्शा चालकों, ऑटो एवं मोटरसाइकिल सवारों सहित मार्ग से गुजर रहे अनेक राहगीरों तक मठा पहुँचाकर उन्हें भीषण गर्मी में राहत प्रदान की। पुरुषोत्तम मास को सेवा, दान, पुण्य और लोककल्याण का विशेष मास माना जाता है। ऐसे पावन समय में किया गया यह सेवा कार्य सामाजिक सरोकार और पारिवारिक संस्कारों का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
इस पुनीत सेवा कार्य में विष्णु खंडेलवाल, सरला खंडेलवाल, प्रिया पंजवानी, राज जैन, स्नेहा राठौड़, वर्षा खंडेलवाल, हेमल दोशी, सरोज खंडेलवाल, डॉ. सरिता दोशी एवं सुभाष मलिक का विशेष सहयोग एवं सहभागिता रही।
