लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश पर सालों से दफ्तरों में जमे शिक्षकों को उनके मूल स्थान पर भेजा गया

धमतरी।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के निर्देश पर जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, धमतरी ने विकासखंडों में वर्षों से पदों पर काबिज 7 अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर उनके मूल स्कूलों में वापस भेज दिया है। जारी इस कड़े आदेश ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। कलेक्टर एवं मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी इस कार्रवाई को विभागीय सूत्र ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बता रहे हैं।
जिन्हें मूल पद पर भेजा गया है
ओंकारनाथ बंजारे (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – मूलः शा.उ.मा.वि. अकलाडोंगरी, धमतरी
खिलेश कुमार साहू (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – मूलः शा.उ.मा.वि. बिरेतरा, धमतरी
सुरेश कुमार ध्रुव (लेखापाल) मूलः शा.उ.मा.वि. कण्डेल, धमतरी
ललित कुमार सिन्हा (बी.आर.सी.सी.) मूलः शा.उ.मा.वि. बारना, धमतरी
कुलेश्वर सिन्हा (बी.आर.सी.सी.) मूलः शा.क.मा.शा. कुरूद, कुरूद
तामेश्वर प्रसाद ठाकुर (बी.आर.सी.सी.) – मूलः शा.उ.मा.वि. बुड़ेनी, मगरलोड
प्रकाश चंद साहू (बी.आर.सी.सी.) मूलः शा.मा.शा. पंडरीपानी (माल), नगरी
लंबे समय से जिले में शिकायतें आ रही थीं कि कुछ रसूखदार शिक्षक-कर्मचारी अपनी मूल जिम्मेदारी बच्चों को पढ़ाने को छोड़कर दफ्तरों में काम कर रहे है। ये लोग विकासखंड और जिला कार्यालयों में सालों से जमे हुए थे, जिससे ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई थी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधितों को तुरंत मूल संस्थाओं में कार्यभार संभालने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
