पुल-पुलिया, नदी-नाले, एनीकट रहे उफान पर, कई मार्ग बंद होने से आवागमन रहा ठप
लगातार बारिश से जिला हुआ जलमग्न, शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में बनी जल भराव की रही स्थिति, वनांचल क्षेत्रो में स्थिति हुई गंभीर

धमतरी। पिछले तीन दिनों से हो रही वर्षा से जिला जलमग्न हो गया है। शहर से लेकर गांवो में चारो ओर पानी ही पानी हो गया है। वनाचंल क्षेत्रो में तो स्थिति गंभीर रही। हालांकि कल तुलना में आज सुबह से वर्षा कम होने से थोडी राहत मिली। कई पुल-पुलिया, नाले, एनीकट उफान पर रहे इनमें जल स्तर घटा।
शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति है, वहीं वनांचल में तो हालात बाढ़ जैसे नजर आ रहे। नदी-नाले के उफान पर आने से कुछ गांवों का सकड़ संपर्क टूट गया, वहीं नगरी-बोराई मार्ग जहां रोजाना सैंकड़ों लोगों की आवाजाही होती है वह बंद हो गया था। लगातार बारिश के चलते जब नगरी ब्लॉक बेहाल हुआ तो प्रशासन के द्वारा स्कूलों में छूट्टी की घोषणा की गई। शहर के कई वार्डो में जल भराव व कई घरों में पानी घुसने की समस्या भी सामने आई। स्कूल परिसर व खेल मैदानों के लबालब होने से नजारा तालाब की तरह रहा। जिला मुख्यालय से ब्लॉक मुख्यालय नगरी को जोडऩे वाला धमतरी-नगरी मार्ग भी तेज बारिश के चलते कुछ देर के लिए अवरूद्ध हुआ।
नगरी ब्लॉक रहा ज्यादा प्रभावित
बारिश का सबसे ज्यादा असर नगरी ब्लॉक में देखने को मिला। रिसगांव क्षेत्र की सोंढूर नदी, आमाकड़ा नदी, धोबेना नदी, खल्लारी नदी, करही नदी और कर्रापड़ान नदी में तेज बहाव के कारण रिसगांव, आमाबहार, जोगतराई, मासूलखोई, करही, चमेदा, खल्लारी, नयापारा, बुडऱापारा, साल्हेभाट, मादागिरी, उजरावन और करखा स्थित कई गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया था। नगरी-बोराई मार्ग पर आठदहरा और सीतानदी में बाढ़ के चलते मुख्य सड़क भी जलमग्न हो गई और घंटों मार्ग बंद रहा, इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। नगरी क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए थे, बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली।
सिहावा पुल की रेलिंग टूटने से बोराई-केशकाल-ओडिशा मार्ग रहा बाधित
लगातार बारिश के कारण बुधवार की सुबह सिहावा स्थित महानदी पुल पर लगभग तीन फीट उपर पानी बहने लगा। तेज बहाव के कारण पुल की रेलिंग क्षतिग्रसत होकर टूट गई, जिससे सुरक्ष को देखते हुए दोनों ओर से आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। पुल बंद होने से बोराई-केशकाल-ओडिशा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई थी।
खेत लबालब, फसल बर्बाद होने का बढ़ा खतरा
पहले मानसून में देरी से कृषि कार्य पिछड़ा और अब जब वर्षा हुई तो ज्यादा वर्षा से भी फसल पर विपरित प्रभाव पड़ सकता है। दो दिन से कभी झमाझम तो कभी रिमझिम बारिश हो रही, जिससे खेत लबालब हो गए है। जो खेत ढलान में है वहां पानी भरा रहा तो फसल को नुकसान का अंदेशा है इसलिए किसान अतिरिक्त पानी को निकालने जुटे रहे।
उफनती नदी के पास से लापता हुए दो व्यक्ति
ग्राम घोटगांव का 50 वर्षीय व्यक्ति जिसका नाम थनराज तेता उर्फ ढोलू बताया गया है, वह मौलीघाट सेमरा मरघट्टी के पास स्थित नदी के समीप से लापता हुआ है। क्षेत्र में चर्चा है कि वह मछली पकडऩे के लिये नदी के पास गया हुआ था। जिसके बाद से वह लापता हुआ है। दूसरी घटना साहनीखार एनिकट के समीप से सामने आई है, जहां से हलाल कुमार सोरी नामक युवक जो कि ग्राम फरसियां का रहने वाला है, वह लापता हुआ है, वहीं पुलिस की टीमों के साथ गोताखोर उनकी तलाश में जुट गयी थी।
