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दशको पुरानों ऐतिहासिक इतवारी बाजार में सुविधाओं की कमी, असुरक्षा का माहौल

शौचालय, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं और असामाजिक तत्वों के जमावड़े से सब्जी विक्रेता और ग्राहको की बढ़ी असुविधा


धमतरी। धमतरी का इतवारी बाजार पूरे जिले में प्रसिद्ध है। यह मात्र एक सब्जी बाजार नहीं बल्कि व्यापार का एक मुख्य केन्द्र हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे यहां अव्यवस्था असुरक्षा के कारण व्यापार घटता जा रहा है।
बता दे कि स्थानीय सब्जी विके्रताओं ने बताया कि इतवारी बाजार वैसे तो दशको पुराना बाजार है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां ज्यादा कुछ नसीब नहीं हो पाया है। न तो विक्रेताओं को न ही ग्राहको को ठीक से अब तक सुविधाएं मिल पाई है। इतवारी बाजार में शौचालय पानी, बिजली व स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं की बदहाली है। बाजार में बच्चों से लेकर बुजुर्ग, महिला पुरुष सभी पहुंचते है। वहीं सब्जी विक्रेता पूरा दिन बाजार में व्यापार करते है। ऐसे में शौचालय की अत्यंत आवश्यकता है। वहीं पानी के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ता है। यहां असामाजिक तत्वों का जमघट लगा रहता है। इस क्षेत्र में कई बार लूट व चाकूबाजी की घटनाएं भी हो चुकी है। ऐसे में असुरक्षा का माहौल बाजार में रहता है।
आवारा मवेशियों, कुत्तों की समस्या
इतवारी बाजार में हर पल आवारा मवेशियों व कुत्तों का डेरा लगा रहता है। मवेशी यहां वहां सब्जियां व अन्य सामानों पर मूंह मारते रहते है कई बार आपस में मवेशियों की लड़ाई हिसंक हो जाती है। जो सब्जी विक्रेताओं व ग्राहकों के लिए गंभीर नुकसान का कारण भी बन जाती है। यहां आवारा कुत्तों का झुंड होता है दिन में तो यह उतने आक्रमक नहीं होते रात में यह आक्रामक व हिसंक हो जाते है। रास्ते में गुजरने पर लोगों को दौड़ाते है और काटने नोचने से भी बाज नहीं आते।
स्वच्छता का भी बुरा हाल
इतवारी बाजार में स्वच्छता का भी बुरा हाल रहता है। निगम से मात्र चंद कदम की दूरी पर इतवारी बाजार स्थित है। फिर भी यहां स्वच्छता का बहदाली रहती है। डस्टबीन में कचरा न डालकर खुले में मवेशियों को डाल दिया जाता है। जिससे व गंदगी सड़क बाजार क्षेत्र में फैलाते है। डस्टबीन से भी कचरा गिराकर गंदगी मवेशी फैलाते है। स्वच्छता के लिए निगम को और प्रयास करने होगें। साथ ही व्यापारियों को भी जागरुक करना होगा।
मधुमक्खी का खतरा
इतवारी बाजार क्षेत्र में कई बार मधुमक्खी के कारण अफरा तफरी मच चुकी है। कई बार अनेक लोग मधुमक्खी के दंश का शिकार हो चुके है। बता दे कि इतवारी बाजार के स्थित निगम के पानी टंकियों में सालों से मधुमक्खियों ने छत्ता बनाया है। कभी किसी की शरारत या अन्य कारणो से मधुमक्खी बेकाबू हो जाते है। और फिर लोगों पर हमला कर देते है। ऐसे में चंद मिनटो में बाजार में सैकड़ो की भीड़ तितर बितर हो जाती है। इसलिए मधुमक्खी के खतरे के स्थायी समाधान की मांग भी होती रही है।

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