शहर में भटक रहे कई विक्षिप्त, बेहतर उपचार हेतु सेंद्री बिलासपुर भेजे जाने की है आवश्यकता
पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला पुलिस द्वारा एक ही बार विक्षिप्तों पकड़कर भेजा गया था सेंद्री
कुछ विक्षिप्त शांत तो कुछ है आक्रमक प्रवृत्ति के

धमतरी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पूर्व में जिला पुलिस द्वारा सड़को पर बेसुध घुम रहे विक्षिप्तों को पकडऩेे अभियान चलाया था। एक दिनी अभियान में 4 विक्षिप्तों को पकड़ कर उनकी जांच जिला अस्पताल में करवा कर उन्हें बेहतर उपचार हेतु सेंद्री बिलासपुर भेजा गया। इसके बाद लोगो को उम्मीद भी लगातार ऐसे अभियान चलाये जायेंगे, जिससे आम जनता को विक्षिप्तों की हरकतों से राहत मिल पायेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सिर्फ एक ही दिन हुआ। विक्षिप्तों को पकडऩेे का जिम्मा तत्कालिक रुद्री टीआई को सौंपा गया था। एक ही दिन में चंद घंटो के भीतर उन्होंने ने अपनी टीम के साथ विक्षिप्तों को पकड़ा था। वतर्मान में कई विक्षिप्त शहर में भ्रमण करते रहते है इन्हें भी उपचार हेतु बिलासपुर भेजे जाने का आवश्यकता है। लगातार शहर में विक्षिप्तों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। विक्षिप्तों को उनके परिजनों द्वारा खुला छोड़ दिया जाता है। जिससे वे भटक जाते है। गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों व मुख्य मार्गो में घुमते विक्षिप्त दिखायी पड़ते है।
विक्षिप्तो की हरकतों से परेशान जनता
शहर मे दजर्नों विक्षिप्त खुलेआम घुमते नजर आते है। शहर में हर माह एक नया विक्षिप्त नजर आता है। कुछ विक्षिप्त तो शांत प्रवृत्ति के है जो शांति से यहां वहां भटकते रहते है, लेकिन कुछ शरारती प्रवृत्ति के विक्षिप्त है जो राह चलते लोगो के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करते रहते है। कुछ विक्षिप्त तो ऐसे है जो अश्लील हरकतों से बाज नहीं आते। वे कई बार सड़क पर महिलाओं व युवतियों के साथ छेडखानी भी करते है। इसके पश्चात उन्हें काफी शमिर्दंगी झेलनी पड़ती है। चूंकि विक्षिप्त के द्वारा उक्त हरकत की गई है, इसलिये भी लोग कुछ नहीं कर पाते।
कुछ महिला विक्षिप्त की स्थिति से मानवता होती है शर्मसार
शहर में कुछ ऐसे महिला विक्षिप्त भटकते रहते है जिन्हें ना खुद का होश है ना कपड़ों का। वे अर्धनग्न अवस्था में भीड़भाड़ वाले इलाकों में भटकते रहते है। वहीं कुछ विक्षिप्तो की सेहत बिल्कुल खराब हो चुकी है। जो ठीक से चल भी नहीं पाते है। लेकिन शहर के समाजसेवियों को इनकी तकलीफ दिखाई नहीं पड़ती। कई संगठन ऐसी है जो कई उल्लेखनीय कार्य करने के दावें करती है जो जनहित से जुड़ी होती है, लेकिन कुछ महिला विक्षिप्तों के अर्धनग्न शरीर को ढकने के लिए कपड़े की व्यवस्था करना या उनकी हालत में सुधार की कोशिश नहीं की जाती है।