छग चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा निगम के साथ किया गया कार्यशाला का आयोजन
धमतरी में व्यापरियों के हित में आने वाले सभी कार्य हमारी प्राथमिकता है- कैलाश कुकरेजा

छत्तीसगढ़ चेम्बर व्यापरियों के लिए हर प्रकार के शिविर सेमीनार कार्यशाला लगाने का काम कर रही है- आलोक पाण्डेय
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा निगम के साथ एक कार्यशाला का आयोजन आज शुक्रवार को पूज्य पंचायत सिंधी समाज भवन आमापारा में सुबह 11 बजे किया गया.कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम में सन्निहित सामाजिक बीमा का एक एकीकृत उपाय है और इसे कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 में परिभाषित कर्मचारियों को बीमारी प्रसूति विकलांगता और रोजगार की चोट के कारण मृत्यु की आकस्मिकता के प्रभाव के खिलाफ और बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए बनाया गया है।ईएसआई योजना कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों जैसे कि सड़क परिवहन होटल, रेस्टोरेंट सिनेमा, समाचार पत्र, दुकानों और शैक्षिक चिकित्सा संस्थानों आदि पर लागू होती है. जिसमें 10 या अधिक व्यक्ति कार्यरत है। हालांकि कुछ राज्यों में प्रतिष्ठानों के कवरेज की सीमा अभी भी 20 है। उक्त श्रेणियों के कारखानों और प्रतिष्ठानों के कर्मचारी, जो प्रति माह 21000 रुपये तक का वेतन प्राप्त करते हैं, वे ईएसआई अधिनियम के तहत सामाजिक सुरक्षा कवर के हकदार हैं।ईएसआई योजना को नियोक्ताओं और कर्मचारियों के योगदान से वित्तपोषित किया जाता है। नियोक्ता द्वारा योगदान की दर कर्मचारियों को देय वेतन का 3.25 प्रतिशत होता है। कर्मचारियों का अंशदान उसे मिलने वाले वेतन के 0.75 प्रतिशत की दर से है। दैनिक वेतन के रूप में प्रति दिन 176 रुपये तक कमाने वाले कर्मचारियों को उनके हिस्से के योगदान के भुगतान से छूट दी गई है।कर्मचारी राज्य बीमा निगम से आए राजेंद्र कुमार साहू जी ने बताया 10 से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और इसमे जुड़ने से कर्मचारियों को चिकित्सा हित लाभ, बीमारी, मातृत्व हित लाभ, अपंगता हित लाभ, आश्रित हित लाभ, व्यावसायिक पुनर्वास भत्ता, सहित अन्य लाभ भी दिए जाते हैं।कार्यक्रम में अधिकारियों के अलावा कैलाश कुकरेजा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स, आलोक पाण्डेय प्रदेश मंत्री, पद्माकर वाईकर,सतराम वासानी, गोवर्धन दादलानी, राजा वाधवानी, विपुल कुकरेजा, सतपाल तनुजा, प्रशांत जाधव, अशोक दुम्बानी,जय हिंदुजा, जनार्दन होटल, बैगा होटल समेत कई व्यापारी शामिल हुए।
